पंजाब पुलिस ने हाल ही में अमृतसर के अजनाला थाने के बाहर बम रखने के आरोप में दो संदिग्धों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्यवाही से पाकिस्तान स्थित आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिली है। इन संदिग्धों का संबंध बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से है, जिसे हरविंदर रिंदा और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियां संचालित कर रहे थे। पंजाब के डीजीपी ने जानकारी दी कि इस मॉड्यूल का संचालन एक विदेशी गैंगस्टर, गुरदेव सिंह उर्फ जस्सल उर्फ पहलवान द्वारा किया जा रहा था, जो तरनतारन के गांव झबल का निवासी है।
पुलिस ने अमृतसर के जशनदीप सिंह को गुप्त सूचना पर गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, गिरफ्तार दूसरा आरोपी एक नाबालिग है। पूछताछ का दौरान यह खुलासा हुआ कि इन दोनों ने 23 नवंबर 2024 को अजनाला थाने में एक आईईडी लगाई थी। साथ ही उन्होंने अन्य हमलों को भी अंजाम देने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 2 हैंड ग्रेनेड, 1 पिस्तौल, और कुछ गोला-बारूद सहित एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच की जा रही है कि क्या यह वही मोटरसाइकिल है जिसका उपयोग अजनाला घटना में किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अमृतसर के एसएसओसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की व्यापक तफ्तीश जारी है, जिससे रिंदा, हैप्पी पासिया और गुरदेव जस्सल के पूरे नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजाब के कुछ पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 नवंबर की सुबह थाने से बाहर निकलते समय एक पुलिसकर्मी ने एक बाउल देखा, जिसे खाकी रंग की टेप से अच्छी तरह बंद किया गया था। बाउल में से कुछ तार बाहर निकले हुए थे, जो एक बम के संकेत थे। यह बम अकेले ही खुली जगह पर पड़ा हुआ था। जांच के बाद पता चला कि आरोपियों ने इसे पहले रात को इम्प्लांट किया था, ताकि सुबह किसी पुलिसकर्मी के दरवाजा खोलते ही थाने में धमाका हो सके। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आरोपियों ने 23 नवंबर की रात बम इम्प्लांट करते हुए कैद किया गया था।
अजनाला थाने की घटना के बाद अमृतसर में थानों को निशाना बनाने के मामले बढ़ गए हैं। इसके पीछे पाकिस्तान के आईएसआई से जुड़े आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया का नाम बार-बार सामने आ रहा है। 23 से 24 नवंबर के बीच बम लगाने का प्रयास किया गया, हालांकि तकनीकी खराबी के कारण वह फटा नहीं। इसके बाद 28 नवंबर को अमृतसर की गुरबख्श नगर चौकी पर एक बम धमाका हुआ, जबकि 4 दिसंबर को मजीठा की पुलिस चौकी में भी जोरदार धमाका हुआ, जिसे पुलिस ने मोटरसाइकिल के टायर फटने का मामला बताया। 13 दिसंबर को गुरदासपुर जिले के बटाला में भी एक हैंड ग्रेनेड फेंका गया, लेकिन यह बलास्ट नहीं हुआ, जिससे कोई बड़ा नुकसान बच गया।
पंजाब पुलिस का इस मामले में सक्रियता से कार्रवाई करना इस बात का संकेत है कि वे राज्य में आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी तरह के आतंकी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं।