पंजाब में संचालित निकाय चुनावों का निकाय का एक महत्वपूर्ण चरण आज (शनिवार) सामने आ रहा है, जिसमें प्रत्याशी अपनी नामांकन फाइलिंग को वापस लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। यह प्रक्रिया दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद चुनावों में भाग ले रहे प्रत्याशियों की संख्या की जानकारी सभी के सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही, निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित किये जाएंगे, ताकि वे अपने चुनाव प्रचार को आगे बढ़ा सकें।
इसी क्रम में, कल स्क्रूटनी कमेटी ने एक ही दिन में कुल 709 नामांकन आवेदनों की जांच करके चुनाव आयोग को सूचनाएं प्रस्तुत कीं। हालांकि, इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगा और अंततः रात 11 बजे के आसपास ही नामांकन करवाने की जानकारी नगर निगम कार्यालय में चिपकाई जा सकी। इस सूची के अनुसार, 709 में से 53 आवेदनों को खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद अब केवल 656 प्रत्याशी ही चुनावी दौड़ में बने हुए हैं। इस अटकलें लगाई जा रही हैं कि आज काफी संख्या में प्रत्याशी अपने नामांकन वापस ले सकते हैं, जिससे वार्डों में शेष प्रत्याशियों की संख्या स्पष्ट हो जाएगी।
स्क्रूटनी कमेटी ने कुछ उम्मीदवारों के नामांकन को रद्द कर दिया है, जिसमें तीन कांग्रेस और एक भाजपा का उम्मीदवार शामिल है। भाजपा से वार्ड 8 के प्रत्याशी कपिल शर्मा का नामांकन अतिक्रमण के आरोपों के चलते रद्द किया गया। इस मामले पर भाजपा के नेता नगर निगम कार्यालय पहुंचे और उनका पक्ष रखा कि जिस संपत्ति का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया है, वह वास्तव में कपिल शर्मा के नाम पर नहीं है। इसी प्रकार, कांग्रेस के उम्मीदवारों में से वार्ड 2 के अरुण जोशी, वार्ड 74 की सुरजीत कौर और वार्ड 64 के सुरेंद्र सिंह के नामांकन को भी रद्द किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर धक्केशाही का आरोप लगाया है।
अमृतसर के क्षेत्र ईस्ट से 159 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन भरा है, वहीं अन्य क्षेत्रों में से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। वार्ड वेस्ट से 157, साउथ से 153, नॉर्थ से 128 और सेंट्रल से 112 उम्मीदवारों ने प्रक्रिया में भाग लिया है। आज नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया के अंतिम समय तक सभी वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या का स्पष्ट आकलन किया जाएगा और इससे चुनावी मैदान में कौन कितने प्रत्याशी हैं, यह जानकारी सामने आएगी।
इस तरह पंजाब के निकाय चुनावों का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करेगा कि आगामी चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या और प्रतिस्पर्धा का स्तर किस प्रकार होगा। चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरकरार रखने के लिए सभी प्रक्रियाओं का ध्यानपूर्वक पालन करना आवश्यक हो गया है।