गैंगस्टर लॉरेंस केस: DSP बर्खास्त, हाईकोर्ट ने SSP की सस्पेंशन की मांग!

पंजाब पुलिस की कस्टडी में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ हुए विवादास्पद इंटरव्यू के सिलसिले में सस्पेंड किए गए DSP गुरशेर सिंह को नौकरी से हटाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में मंजूरी प्रदान कर दी है। यह जानकारी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सामने आई। सरकार ने बताया कि इस मामले की फाइल पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) को भेजी जा चुकी है और यह कदम विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। 25 अक्टूबर को गुरशेर सिंह को सस्पेंड किया गया था, और उनकी इस कार्रवाई के साथ-साथ छह अन्य अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था।

हाईकोर्ट ने मोहाली के पूर्व एसएसपी विवेकशील सोनी के बारे में भी टिप्पणी की, यह बताते हुए कि वह उस जिले के मुख्य अधिकारी थे और इसलिए उन्हें भी सस्पेंड किया जाना चाहिए। हालांकि, सरकारी वकील का कहना था कि SIT ने उनके बारे में कोई ठोस भूमिका नहीं बताई है और पहले ही उन्हें पब्लिक डीलिंग के पद से हटा दिया गया है। इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि लॉरेंस को CIA खरड़ में लंबे समय तक क्यों रखा गया। न्यायालय ने इस संबंध में विस्तृत जांच की आवश्यकता जताई।

लॉरेंस का पहला इंटरव्यू 14 मार्च 2023 को प्रसारित हुआ था, जिसमें उसने कुबूल किया था कि उसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का मर्डर करवाने की योजना बनाई थी। इंटर्व्यू में उसने यह भी कहा कि मूसेवाला सिंगिंग के बजाय गैंगवार में संलग्न हो चुका था। इसके अलावा, लॉरेंस ने अपने दूसरे इंटरव्यू में आरोप लगाया कि जेल के अंदर से भी वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। उसने बताया कि कैसे फोन उसके पास पहुंचते थे और यह भी कि रात के समय जेल के गार्ड कम होते थे, जिससे उसे बातचीत करने में आसानी होती थी।

इस इंटरव्यू के निकलने के बाद पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। डीजीपी गौरव यादव ने इंटरव्यू को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बठिंडा या पंजाब की किसी भी जेल से नहीं किया गया। डीजीपी ने कहा कि जब लॉरेंस को बठिंडा जेल लाया गया, तो उसकी दाढ़ी और बाल कटे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इंटरव्यू के वक्त स्थिति पूरी तरह से असामान्य थी।

गौरतलब है कि 25 अक्टूबर को लॉरेंस के पहले इंटरव्यू के लिए ज़िम्मेदार कुल सात अधिकारियों को निलंबित किया गया। इसमें DSP से लेकर हेड कॉन्स्टेबल रैंक तक के विभिन्न अधिकारी शामिल हैं, जिनमें अमृतसर स्थित 9 बटालियन के DSP गुरशेर सिंह, DSP समर वनीत, CIA खरड़ के सब इंस्पेक्टर रीना और अन्य शामिल हैं। इस निलंबन ने पंजाब पुलिस के भीतर चल रही जाँच और समूचे मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।