तरनतारन में सनसनीखेज डकैती: दो की हत्या, साथी सड़क किनारे बेसुध मिले

पंजाब के तरनतारन जिले के गांव असल के निकट, काम से लौट रहे दो मजदूर गंभीर रूप से घायल पाए गए। इनमें से एक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान गुलजार सिंह और गुरदयाल सिंह के रूप में हुई है। दोनों मजदूर अपने गांव के पास स्थित एक निर्माण स्थल पर सरिये का काम करने गए थे। जो काम खत्म करने के बाद देर रात तक घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रास्ते में उन पर एक हमलावर समूह द्वारा हमला किया गया। परिजनों और साथियों का आरोप है कि लुटेरों ने न केवल उन पर हमला किया बल्कि उनकी मजदूरी की रकम भी लूट ली।

गुलजार सिंह और गुरदयाल सिंह के परिवार वालों ने जानकारी देते हुए बताया कि वे अपने सहयोगियों के साथ नजदीकी गांव सभ्रां में काम कर रहे थे। काम खत्म होने के बाद, गुलजार और गुरदयाल ने अपने पांच साथियों से पहले ही घर के लिए रवाना होने का निर्णय लिया। समझा जा रहा है कि घर लौटते समय लुटेरों ने उन पर कथित तौर पर हमला किया। उनकी अन्य साथियों ने जब उन्हें सड़क किनारे क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा तो तुरंत इस विषय की जानकारी दी। इस दौरान, एक की मौत हो चुकी थी जबकि दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां बाद में उसने भी दम तोड़ दिया।

घायलों के शरीर पर तेज़ धार हथियारों के निशान थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमलावरों ने बेहद क्रूरता से उन पर वार किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। इस मामले में एसपी इन्वेस्टिगेशन अजय राज सिंह ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या यह हत्या का मामला है या फिर सड़क हादसे के कारण उनकी मृत्यु हुई है।

परिवार वालों का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र में रोजाना लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भय और आशंका का माहौल बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि पुलिस इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्दी कार्रवाई करेगी। इस घटना ने न केवल मृतकों के परिवारों को प्रभावित किया है बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर भी सवाल खड़े किए हैं। सभी स्थानीय लोग अधिकारियों से यह गुहार कर रहे हैं कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि समाज में विश्वास बहाल किया जा सके।

इस दिल दहला देने वाली घटना ने मजदूर वर्ग के बीच असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी तत्परता से हैंडल करता है और अपराधियों को पकड़ने में कितनी सफलता मिलती है।