पंजाब के जालंधर जिले में कपूरथला हाईवे पर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज के सामने एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें 65 वर्षीय ओम प्रकाश की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश अपनी एक्टिवा पर सवार होकर जालंधर बाजार की ओर जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार नगर निगम का ट्रक उन्हें कुचल गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जालंधर भेज दिया है।
मृतक ओम प्रकाश बस्ती बावा खेल के राज नगर के निवासी थे और स्थानीय किराना दुकान चलाते थे। उनके भाई वेद प्रकाश ने बताया कि ओम रोज़ की तरह सामान लेने के लिए घर से निकले थे। अचानक उन्हें फोन आया कि उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। वे तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्हें यह दुखद जानकारी मिली कि उनके भाई की मौत हो गई है। ओम की पत्नी और उनके दोनों बच्चे विदेश में बसे हुए हैं। इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि ओम गतिशीलता में थे, जब नगर निगम का ट्रक उनकी तरफ आया और उन्हें कुचल दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम सीन से न केवल ओम की एक्टिवा, बल्कि नगर निगम के ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि ट्रक का ड्राइवर घटना के बाद मौके से फरार हो गया। थाना डिवीजन नंबर-2 के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पारिवारिक सदस्यों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है, और सीसीटीवी फुटेज को भी देखा जाएगा, ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सके।
यह घटना एनएचएस अस्पताल के बाहर हुई, जो स्थिति को और भी चिंताजनक बनाती है, क्योंकि यह एक महत्वूर्ण स्थान है जहां अक्सर लोग आते-जाते हैं। लोग इस बात पर भी चिंता जता रहे हैं कि क्या सड़क पर तेजी से चलने वाले वाहनों पर उचित नियंत्रण किया जा रहा है। संतोषजनक परिणाम के लिए, लोगों ने पुलिस से अपेक्षा की है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और सभी पहलुओं की गहन जांच की जाए।
आसपास के लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएँ न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा के प्रति एक गंभीर सवाल भी उठाती हैं। सभी की नजरें अब पुलिस की कार्रवाइयों पर हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मृतक के परिवार को इस अप्रत्याशित नुकसान से उबरने में वक्त लगेगा, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि पुलिस इस मामले में पूरी पारदर्शिता बनाए रखते हुए न्याय दिलाएगी।