निगम चुनाव में सख्त सुरक्षा: हर पोलिंग बूथ पर सुरक्षाकर्मी, हाईकोर्ट का आदेश!

पंजाब में नगर निगम चुनावों को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने निर्वाचन आयोग को प्रत्येक मतदान स्थल पर आवश्यक संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का भी आदेश दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए। याचिका में यह दलील पेश की गई थी कि पिछले पंचायत चुनावों में जो हिंसक घटनाएं और मतदाताओं को डराने-धमकाने की गतिविधियां हुई थीं, ऐसा इस बार नहीं होना चाहिए। अदालत ने मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं ताकि वे बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

पंजाब में अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, फगवाड़ा और पटियाला में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। इन पांच नगर निगमों के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहाँ कुल मिलाकर 37 लाख 32 हजार मतदाता हैं, जिनमें से 19.50 लाख पुरुष और 17 लाख महिलाएं हैं। इस बार मतदान ईवीएम के माध्यम से होगा, जिससे मतदान प्रक्रिया को और भी सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो कि पहले 8 से 4 बजे तक हुआ करता था। इस बार एक घंटे का विस्तार किया गया है, ताकि मतदाता अधिक समय तक अपने मत का उपयोग कर सकें।

चुनाव के बाद नगर निगम के 381 सदस्य और म्यूनिसिपल काउंसिलों के 598 सदस्य चुने जाएंगे। मतदान केंद्रों पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित प्रबंध किए जा रहे हैं। हर पोलिंग स्टेशन पर तीन पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जबकि यदि दो पोलिंग स्टेशन हैं, तो वहां दो अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। आयुक्त ने घोषणा की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान हथियार ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है, और यह आदेश उन सभी को जारी कर दिए गए हैं जो इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

इस पूरी चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए निर्वाचन आयोग ने 22 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। ये पर्यवेक्षक चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत, प्रशासन और पुलिस विभाग चुनाव के दौरान सभी आवश्यक उपाय करेंगे ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो और मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें। यह चुनाव केवल स्थानीय सरकार के लिए ही नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीतिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में सहयोग करें।