लुधियाना, पंजाब में आयकर विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. सुमिता सोफत और डॉ. रमा सोफत के आवास तथा अस्पतालों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई आज सुबह की गई, जिसमें अधिकारियों को बड़ी मात्रा में नकदी मिली। इस छापेमारी का मुख्य कारण टैक्स धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला बताया जा रहा है। आयकर विभाग ने यह जांच कार्रवाई एक सुसूचित जानकारी के आधार पर शुरू की, जब उन्हें पता चला कि ये डॉक्टर सरकारी टैक्स के संबंध में चूक कर रहे हैं।
जैसे ही आयकर अधिकारियों ने छापेमारी की, उन्होंने अस्पताल की सभी शाखाओं को एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों और प्रबंधन से भी पूछताछ की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से रोजाना होने वाले कैश लेनदेन और बिलिंग प्रणाली की गहन जांच की। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों को बिना चिकित्सा किए लौटना पड़ा, केवल उन्हीं मरीजों को दवाइयाँ दी गईं जिनकी पहले से पर्चियाँ बनी हुई थीं। नए मरीजों का चेकअप इस समय स्थगित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग के अधिकारियों ने पाया कि पिछले 2-3 वर्षों का लेखा-जोखा भी अधर में है, जिसका वे गहनता से परीक्षण कर रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि Dr. सोफत दंपत्ति के बैंक खातों में कितनी राशि है और उनकी ओर से किन-किन व्यक्तियों को लेनदेन किए गए हैं। यह जानकारी भी निकाली जा रही है कि उनके पास कितने बैंक खाते हैं और उन खातों में कितना धन जमा है।
जांच के क्रम में अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों को अब किसी भी बाहरी व्यक्ति से संवाद करने की अनुमति नहीं है। उनकी मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं, ताकि कोई भी जानकारी बाहर न जा सके। इस प्रकार के सख्त कदम उठाकर आयकर विभाग यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रभावी हो। यह मामला अब केवल दो डॉक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
अभिलाषा यह है कि इस छापेमारी के माध्यम से न सिर्फ टैक्स चोरी का मामला खुलासा हो, बल्कि इससे चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़े और अन्य डॉक्टरों को भी इससे सीख मिले। सरकारी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को न केवल जरूरी बताया है, बल्कि यह संकेत भी दिया है कि भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी, ताकि कर के दुरुपयोग को रोका जा सके।