सीएम के दौरे से पहले लुधियाना बाजार बंद, पुलिस ने बदले कई रूट: आज करेंगे रोड शो

लुधियाना में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 1 बजे के बाद एक भव्य रोड शो का आयोजन करेंगे। इस रोड शो से पहले पुलिस ने शहर के अधिकांश बाजारों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के कारण व्यापारी वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है। दुकानों को बंद कराने के साथ ही पुलिस ने शहर के विभिन्न रूट्स को भी डायवर्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, सीएम का रोड शो आरती चौक से प्रारंभ होगा और यह मार्ग मंडी, क्लयाण ज्यूलर्ड रोड और कालेज रोड होते हुए आगे बढ़ेगा। सुरक्षा के मद्देनजर हर एक चौराहे और प्रमुख स्थानों पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। घुमार मंडी और कालेज रोड को पूरी तरह से खाली कराने की प्रक्रिया में पुलिस ने सुबह से ही बाजार में चल रहे नुकसान को रोकने का प्रयास किया। कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने के आदेश दिए गए, जिससे कई व्यवसायियों के लिए परेशानी उत्पन्न हो गई है।

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें इस समय पहले ही मंदी का सामना करना पड़ रहा था। जब सीएम का रोड शो नजदीक आया, तो बाजारों को बंद करवा देने से उन्हें और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी मनोज कुमार ने कहा कि “हम पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं। अब जब हमें जबरन अपनी दुकानें बंद करने के लिए कहा जा रहा है, तो हमारा क्या होगा?” वहीं, साहिल और विकास जैसे अन्य दुकानदारों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि “हम सीएम कब आएंगे, ये तो कोई नहीं जानता, लेकिन अब हम खाली हाथ घर लौटने के लिए मजबूर हैं।”

यह स्थिति स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि स्थानीय व्यापारी इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई के प्रति कितने असंतोषित हैं। व्यवसायियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई उनके आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है और उन्हें पहले से ही चल रही मंदी के दौर में और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम भगवंत मान के रोड शो के समय बाजारों का इस प्रकार बंद होना कई सवाल उठाता है। क्या प्रशासन को बिना सोचे-समझे ऐसे उपाय करने चाहिए? यह एक महत्वपूर्ण विचार है जिसके बारे में चर्चा होनी चाहिए, ताकि स्थानीय व्यवसायों और उनकी आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

आखिरकार, स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान व्यवसायियों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। इसलिए, यह आवश्यक है कि प्रशासन संवाद बनाए रखने में सक्रिय हो, ताकि व्यापारी वर्ग को इस तरह की अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।