अबोहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का पुतला जलाकर अपनी नाखुशी का इजहार किया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रति अमित शाह की विवादास्पद टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अमित शाह को न केवल अपनी टिप्पणी के लिए बल्कि दलित समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई वरिष्ठ जिला उपप्रधान और अबोहर के कोऑर्डिनेटर सुधीर भादू ने की, जिन्होंने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को एकत्र किया। भादू ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के अंदर दलितों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। उनके अनुसार, भाजपा नेताओं में अहंकार की भावना भरी हुई है, जिसके चलते अमित शाह ने अंबेडकर के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया। उन्होंने मांग की कि शाह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें ताकि दलित समुदाय को उनका मान सम्मान वापस मिल सके।
सुधीर भादू ने आगे कहा कि भाजपा के खिलाफ देश के दलित समाज में काफी रोष है। उनके अनुसार, यह केवल एक टिप्पणी नहीं है, बल्कि भाजपा की मानसिकता का प्रदर्शन है, जो दलितों के प्रति असम्मान दर्शाती है। इस प्रदर्शन में ब्लॉक प्रधान सपिंदर जाखड़, राजिंद्र पुनीयां, गुरदास दहोत, और कई अन्य नेता भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी बात रखी।
इस घटना ने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक संघर्ष में दलितों के अधिकारों और सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए कितनी गंभीर है। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का妥協 नहीं करेंगे और मांग करेंगे कि अमित शाह अपनी टिप्पणी के लिए तुरंत माफी मांगें।
कुल मिलाकर, इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि सरकार और उसके नेता जब भी इस तरह की विवादास्पद टिप्पणियां करें, तो जन भावनाओं का सम्मान करना न भूलें। यदि नेताओं ने अपने शब्दों और कार्यों के प्रति सजगता नहीं दिखाई, तो उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा। ऐसे आंदोलनों के माध्यम से कांग्रेस पार्टी यह दिखाने का प्रयास करती है कि वह दलितों और社会 के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।