गुरदासपुर में 75 लाख की मांग करने वाला ‘लॉरेंस गैंग’ का नकली सदस्य गिरफ्तार!

गुरदासपुर में पुलिस ने लॉरेंस गैंग से जुड़े एक संदिग्ध अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो रंगदारी मांगने में संलिप्त पाया गया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 2 लाख रुपये की राशि भी बरामद की है। यह घटना उस समय सामने आई जब आरोपी ने एक इमीग्रेशन सेंटर के NRI मालिक को विदेशी नंबर से फोन कर 75 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने केवल 10 दिनों में इस फोन कॉल को ट्रेस कर लिया, जिससे उनकी जांच में तेजी आई।

थाना तिब्बड़ के एसएचओ अमृतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी का नाम संदीप सिंह कंग है, जो गांव भंगवां का निवासी है। वह अपने बड़े भाई हरमनप्रीत सिंह के साथ मिलकर इमीग्रेशन सलाहकार के रूप में काम करता है। संदीप ने 9 दिसंबर को शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उसने बताया कि रात के लगभग साढ़े नौ बजे उसे एक विदेशी नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस ग्रुप का सदस्य और अपना नाम यासिन अख्तर बताते हुए दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी।

इस फोन कॉल के दौरान, आरोपी ने संदीप को स्पष्ट रूप से बताया कि यदि उसने 75 लाख रुपये की रंगदारी नहीं दी, तो उसके और उसके भाई के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह गंभीर आरोप और धमकी सुनकर दोनों भाई काफी डर गए और उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच अभी भी जारी है। उनके अनुसार, इस प्रकार की संगठित अपराध गतिविधियों पर नियंत्रण पाना काफी महत्वपूर्ण है, ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एसएचओ ने इस मामले में नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी इस तरह की धमकियों का सामना कर रहा है, तो उन्हें तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

गुरदासपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट किया है कि वे ऐसे अपराधों के प्रति कितने गंभीर हैं। पुलिस का यह कदम न केवल पीड़ितों के लिए एक सही मार्गदर्शन है, बल्कि अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी चेतावनी है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध कृत्यों से दूर रहें। पुलिस अब यह जांच करेगी कि इस गिरोह का कोई और सदस्य तो सक्रिय नहीं है और उसे भी गिरफ्तार किया जा सके।