पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इस समय अपने म्यूजिकल टूर ‘दिल-लुमिनाटी’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने चंडीगढ़ में एक शानदार परफॉर्मेंस दी, जिसमें प्रशासन ने कुछ कारणों से आयोजकों को नोटिस जारी किया। इस विवाद के बीच, दिलजीत ने मुंबई में अपने एक कॉन्सर्ट के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन के फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
दिलजीत ने अपने शो के दौरान कहा कि उन्होंने अपनी टीम से पूछा था कि क्या उनके लिए कोई ए़डवाइजरी जारी की गई है। वह इस बात से निराश थे कि शो से पहले रात तक कोई सूचना नहीं थी, लेकिन सुबह उन्हें यह पता चला कि उन पर ए़डवाइजरी लगाई गई है। उन्होंने अपने फैंस को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे चिंता न करें, क्योंकि सभी चिंता उनकी जिम्मेदारी है, और उन्हें बस मजे करना है। दिलजीत ने समुद्र मंथन का उदाहरण देते हुए यह भी कहा कि भगवान शिव ने जहर पीकर उसे अपने कंठ में रोक लिया था, और वह भी बुरी चीजों को अपने अंदर जाने नहीं देंगे।
चंडीगढ़ में हुए उनके कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने प्रदर्शन स्थलों के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन मुद्दों का समाधान नहीं करती, तब तक वह वहां कॉन्सर्ट नहीं करेंगे। इस बयान के चलते सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और उनके शब्दों को पूरे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर देखा जाने लगा। इसके कारण दिलजीत को इस बयान पर स्पष्टता प्रदान करनी पड़ी, हालाँकि उन्होंने बाद में उस स्पष्टीकरण को हटा दिया।
दिलजीत का ‘दिल-लुमिनाटी’ टूर 26 अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने भारत के कई प्रमुख शहरों में परफॉर्मेंस दी है। उनके इस टूर में दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु और इंदौर शामिल हैं। अब 14 दिसंबर को चंडीगढ़ में उनका अगला शो निर्धारित है, और इसके बाद 29 दिसंबर को गुवाहाटी में वह अपने टूर का समापन करेंगे। इस टूर के माध्यम से दिलजीत ने देश के 10 बड़े शहरों को चुना है, जिससे उनके फैंस को एक अनोखी संगीत यात्रा का अनुभव प्राप्त हो रहा है।
दिलजीत दोसांझ की यह यात्रा न केवल उनके संगीत करियर को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि वह अपने दर्शकों के साथ जुड़कर स्थानीय मुद्दों को उजागर करने में भी रुचि रखते हैं। उनके इस टूर के माध्यम से वह अपने फैंस को मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। ऐसे में दिलजीत न केवल एक गायक, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उभर रहे हैं, जो अपने प्लेटफार्म का इस्तेमाल सही दिशा में करना चाहते हैं।