लुधियाना में AAP विधायक बग्गा ने किया दावा, सिबिया से मुलाकात में मेयर बनने की योजना!

पंजाब के लुधियाना में हाल ही में संपन्न नगर निगम चुनावों ने राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 41 सीटें अपने नाम की हैं, जबकि कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 19 सीटें मिली हैं, और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) मात्र 2 सीटों पर सिमट गया। इसके अलावा, तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी परिदृश्य में जीतकर उभरे हैं। इस चुनाव परिणाम के बाद निगम सदन में मेयर पद के लिए लॉबिंग तेज हो गई है, जिसमें आम आदमी पार्टी का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के विधायक मदन लाल बग्गा ने यह दावा किया है कि उनकी पार्टी का प्रत्याशी मेयर की कुर्सी पर बैठेगा। बग्गा ने बताया कि कई जीतकर आए उम्मीदवार उनके संपर्क में हैं और वर्तमान में सभी लोग सत्ता में आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के समुचित विकास के लिए मौजूदा सरकार को मजबूत बनानी होगी। इस संदर्भ में, बग्गा ने वार्ड नंबर 1 के बीजेपी समर्थक रतनजीत कौर सिबिया के पति रणधीर सिंह सिबिया का उल्लेख किया, जिन्होंने उनसे मुलाकात की है।

बग्गा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 16 वार्डों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार जल्दी ही मेयर के उम्मीदवार की घोषणा करेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि बग्गा आम आदमी पार्टी के अकेले विधायक हैं जिन्होंने 11 सीटों पर सफलता प्राप्त की। वहीं, रतनजीत कौर सिबिया ने बग्गा से एक पुराने रिश्ते की बात करते हुए कहा कि वह उन्हें मिलने आई थीं।

कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह भी चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण रही है। वार्ड नंबर 1 पर रतनजीत कौर सिबिया की जीत की एक बड़ी वजह पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के साथ अनबन है। रणधीर सिंह सिबिया, जो कि अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, को पार्टी के भीतर ट्रैक्शन नहीं मिला। विधायक राकेश पांडे ने उनके खिलाफ जाकर सिबिया की पत्नी को टिकट देने का विरोध किया। यह विरोध और भी बढ़ गया क्योंकि सिबिया ने पांडे के खिलाफ दो बार चुनाव में अपनी ताकत दिखाई थी और उनके बेटे को तहसीलदार की नौकरी मिलने के मामले में भी उन्होंने विरोध व्यक्त किया था।

इन सभी कारणों से रतनजीत कौर सिबिया ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया और उन्होंने जीत हासिल की। लुधियाना के नगर निगम चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक समीकरण कैसे बदलते हैं और इसमें निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। अब सबकी निगाहें मेयर चयन पर हैं, जहां आम आदमी पार्टी की मजबूत स्थिति नजर आ रही है।