गुरदासपुर में आतंकी का अंतिम संस्कार: परिजन बोले- शरीर से गायब गोली के निशान!

गुरदासपुर जिले में कलानौर की पुलिस चौकी पर हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए तीन आतंकियों के शव आज गुरदासपुर पहुंच गए। इस घटना के बाद, कलानौर के निवासी गुरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, जब पुलिस ने जश्नप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह का शव उसके परिवार को सौंपा, तो परिजनों ने शव की जांच की और पाया कि उसके शरीर पर कोई गोली का निशान नहीं है। जिसके कारण उन्होंने उसके अंतिम संस्कार को रोक दिया। परिजनों का मुख्य आरोप था कि जश्नप्रीत का फेक एनकाउंटर किया गया है, इसलिए वे इसका सच जानने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे डीएसपी अमोलक सिंह ने परिवार को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके बाद ही परिवार ने जश्नप्रीत के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि इस एनकाउंटर की स्वतंत्र जांच जरूरी है। ज्ञात हो कि गुरविंदर सिंह के शव का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि यह तीनों आरोपी कलानौर चौकी पर हमले के बाद से फरार हो गए थे, जिनकी तलाश पंजाब पुलिस कर रही थी। 23 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में इन तीनों का पुलिस ने एनकाउंटर किया, जिससे यह मामला और गरम हो गया है। मारे गए आतंकियों का संबंध खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से था, जिसके प्रमुख जगजीत सिंह उर्फ फतेह सिंह विदेश में बैठकर इस संगठन का संचालन कर रहा था।

तीनों आतंकियों में जश्नप्रीत, गुरविंदर और वरिंदर सिंह शामिल थे। जश्नप्रीत सिंह की उम्र केवल 18 वर्ष थी, जबकि गुरविंदर 25 और वरिंदर 23 वर्ष के थे। सभी आतंकी गरीब परिवार से संबंध रखने वाले थे। जब गुरविंदर का शव गांव पहुंचा, तो वहां के परिजन गहरे शोक में डूब गए, और कलानौर में उसका अंतिम संस्कार धूमधाम से किया गया।

मृतक के अन्य साथी जश्नप्रीत और वरिंदर का शव अभी गांव नहीं पहुंचा था। इस बीच, खबर आई है कि यूपी से शव लाने के दौरान एंबुलेंस एक हादसे का शिकार हो गई थी, जिससे शवों को पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। राज्य में इस हमले और उसके बाद के एनकाउंटर को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है और लोग सही तथ्यों के सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं। इस समय परिवार और गांव के लोग न्याय की आस में हैं।