मोहाली नगर निगम ने अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ एक प्रभावी मुहिम का शुभारंभ किया है। यह अभियान नगर निगम कमिश्नर टी बेनिथ के नेतृत्व में चलाया जा रहा है और इसमें गांव मातौर, कुम्भड़ा तथा अन्य निकटवर्ती गांवों को शामिल किया गया है। इस अभियान में जॉइंट कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर, म्यूनिसिपल टाउन प्लानर और टाउन प्लानिंग अधिकारी भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। T बेनिथ ने बताया कि उनके नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में बिना मंजूरी के निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है और ऐसे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है।
कमिश्नर बेनिथ ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे गांवों में हो रहे अवैध निर्माण पर नजर रखें और तत्काल उस पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने परिलक्षित किया कि इस कार्यवाही की आवश्यकता लगातार बनी रहेगी और इसके लिए सप्ताहांत और छुट्टियों पर भी अधिकारियों को सक्रिय रहना होगा। इस संदर्भ में, कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि बिना अधिकृत मंजूरी के किसी भी निर्माण कार्य को आरंभ करने की अनुमति न दी जाए।
उक्त अभियान के तहत, यदि किसी प्रकार का अवैध निर्माण पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को त्वरित कानूनी कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण अवैध निर्माण की अनुमति मिलती है, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सख्त कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे नगर निगम का लक्ष्य अवैध निर्माणों को समाप्त कर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहरी विकास को सुनिश्चित करना है।
इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश दिया जा रहा है कि नगर निगम अपने अधिकार क्षेत्र में नियमों और विनियमों का पालन कराने के लिए गंभीर है। अवैध निर्माण केवल शहरी व्यवस्था के लिए खतरा नहीं हैं बल्कि यह स्थानीय निवासियों की सुरक्षा एवं जीवनस्तर के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। ऐसे में, नगर निगम की यह पहल निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, जो अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने को लेकर मजबूती से खड़ा है।
इस मुहिम से यह भी उम्मीद की जा रही है कि नागरिक गहरी जागरूकता पैदा करें और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण के प्रति सचेत रहें। नगर निगम द्वारा उठाए गए इस कदम से यह स्पष्ट हो रहा है कि शहर को सुरक्षित और नियोजित रखने के लिए प्रशासन कितनी तत्परता से कार्यरत है। इसके चलते नागरिकों का नगर निगम पर विश्वास और भी बढ़ेगा और शहरी विकास में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।