“मुख्यमंत्री ने मौलाना नाम को ‘खटकता’ बताया, गांवों के नाम में बदलाव!”.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले में तीन पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गजनी खेड़ी पंचायत का नाम चामुंडा माता नगरी, मौलाना गांव का नाम विक्रम नगर और जहांगीरपुर का नाम जगदीशपुर हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक गांव का नाम खटकता है, उसका संबंध लगता मानवता से भी नहीं है। उन्होंने रामको तथ्यात्मक आधार लेते हुए इसे ‘मौलाना गांव’ नाम जोड़े जाने की बात से खेद व्यक्त किया। सीएम राइस स्कूल का लोकार्पण करने के लिए रविवार को उज्जैन के बड़नगर पहुंचे थे, उन्होंने बताया कि यह स्कूल पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री यादव ने नाम बदलने की इस राजनीति पर कहा कि अगर मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के नाम बदले जा सकते हैं, तो फिर हम अपनी पंचायतों के नाम क्यों नहीं बदल सकते? उन्होंने गजनी खेड़ी पंचायत को चामुंडा माता नगरी नाम से पुकारने की घोषणा करते हुए वहां विकास कार्यों के आदेश भी दिए।

यह घोषणा रविवार को चामुंडा धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए की गई। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी और सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन के बड़नगर तहसील के गांव गजनी खेड़ी में चामुंडा धाम मन्दिर में पूजा-अर्चना की। इस पहाड़ी छोटी पंचायत में स्थित यह धाम इस क्षेत्र वासियों के लिए महत्वपूर्ण है।

ग्रामीणों ने नाम बदलने के उपाय पर विभिन्न राय जताई।

मुख्यमंत्री ने रविवार को उज्जैन में राहगीरी की। उन्होंने लाठी घुमाई, घोड़े की सवारी भी की। ऊं नम: शिवाय का जाप किया। इस मौके पर उन्होंने फूड स्टॉल पर मीठा भी चखा।