पंजाब में रोडवेज के आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा स्थायी नौकरी की मांग को लेकर आज से तीन दिवसीय हड़ताल की शुरुआत हो गई है। फिलहाल, पीआरटीसी और पनबस के ठेका कर्मचारियों ने नवांशहर बस स्टैंड पर अपनी मांगों को लेकर धरने का आयोजन किया। पनबस से जुड़े ठेका कर्मचारियों का कहना है कि उनकी यूनियन के सभी कर्मचारी पिछले कई वर्षों से काम कर रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी पनबस में 2011 से कार्यरत हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया है। इस अनुपस्थित व्यवस्था के खिलाफ उन्होंने आज कार्य रोक दिया है।
कर्मचारियों ने बताया कि वे कल, अर्थात 7 जनवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने की योजना बना रहे हैं। इस हड़ताल का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है, क्योंकि बसों की कमी के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में, केवल कुछ निजी बसें चल रही हैं, जिससे यात्रियों को जिले के शहीद भगत सिंह नगर के विभिन्न बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते देखा जा रहा है। विशेष रूप से आवश्यक कार्य के लिए यात्रा करने वाले लोगों को यहां भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
यूनियन के प्रधान ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे भविष्य में और भी कठोर रणनीतियाँ अपनाने के बारे में सोचेंगे। उन्होंने कहा कि इससे उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह से पंजाब सरकार की होगी। इस तरह की हड़तालें सिर्फ कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी परेशानियाँ पैदा करती हैं, क्योंकि सार्वजनिक परिवहन में बाधा आती है।
इस बीच, ठेका कर्मचारियों का यह समूह स्पष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि उनकी नियमितीकरण की मांग उचित है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं और उन्हें स्थायी नौकरी का हक मिलना चाहिए। सभी कर्मचारियों का एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करना इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि पंजाब सरकार इस सवाल का समाधान कैसे करती है, और क्या वे इन कर्मचारियों की मांगों को सुनकर उचित कदम उठाएगी।
17वीं सदी के जलियाँवाला बाग हत्याकांड, शहीद भगत सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, ठेका कर्मचारी भी अपने हक के लिए उठ खड़े हुए हैं। इस हड़ताल के दौरान, सभी कर्मचारी अपने जलते हुए जज़्बे के साथ आम जनता के साथ सहयोग की अपील कर रहे हैं, ताकि उनकी मांगों को प्रमुखता से सुना जा सके और समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।