आज दोपहर अबोहर के एक सरकारी बैंक में एक 81 वर्षीया महिला, कृष्णा देवी, अपनी 1500 रुपए की पेंशन निकालने आई थीं। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण वह बैंक के अंदर गिर गईं। इस संकट के समय में बैंक कर्मचारियों ने तत्काल उनकी मदद की, लेकिन जब काफी देर तक वह होश में नहीं आईं, तो यह स्थिति गंभीर हो गई। ऐसे में बैंक स्टाफ ने नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्यों को सूचित किया।
समिति के सदस्य सोनू और मोनू ग्रोवर तुरंत बैंक पहुंचे और देखा कि वृद्धा को होश नहीं आ रहा था। उन्होंने बिना देर किए उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया। उसकी स्थिति का प्राथमिक आकलन करते हुए, समिति के सदस्यों ने पुलिस को भी जानकारी दी, ताकि जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जा सके। इस दौरान, पुलिस ने वृद्धा के पास से मिले आधार कार्ड की मदद से उसकी पहचान की और यह पता चला कि वह नई आबादी बडी पौडी की निवासी हैं।
बैंक में इस घटनाक्रम के बीच, कर्मचारी और समिति के सदस्यों ने मिलकर वृद्धा की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सा कर्मचारियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान किया। यह सभी की चिंता का विषय था कि वृद्धा के परिजनों को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि उनका संपूर्ण ध्यान कृष्णा देवी की देखभाल में केंद्रित हो सके। इस प्रसंग में पुलिस और समाज सेवा कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समाज में एक-दूसरे की मदद करने की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।
अभी के लिए कृष्णा देवी का इलाज चल रहा है और आशा की जा रही है कि वह जल्द ठीक होंगी। समाज सेवा संस्था ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेते हुए स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इस घटना की जानकारी है या उन्हें महिला के परिजनों के बारे में कुछ मालूम है, तो वे सामने आएं। पुलिस भी आवश्यक खोजबीन कर रही है ताकि कृष्णा देवी के परिवारियों से संपर्क स्थापित किया जा सके।
इस प्रकार की घटनाएं हमें हमेशा याद दिलाती हैं कि वृद्ध लोगों की देखभाल और सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। समाज में उन लोगों की मदद करने की एकजुटता और तत्परता दर्शाने की आवश्यकता है, जो किसी कारणवश कमजोर स्थिति में होते हैं। इस मामले में लोग और संस्थाएँ मिलकर कार्य कर रहे हैं, जो कि निश्चित रूप से प्रेरणादायक है।