अमृतसर | किसान आंदोलन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मरण व्रत पर बैठ गए हैं। उनके अनशन को समाप्त करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने वीरवार को श्री अकाल तख्त साहिब में ज्ञानी रघबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन किसानों के अधिकारों की रक्षा और डल्लेवाल की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के मद्देनज़र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने वाले भाजपा के प्रतिनिधियों में राष्ट्रीय किसान नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, पंजाब प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला, सतपाल सिंह सरपंच भूखड़ी, बलविंदर सिंह पूर्व सरपंच भूखड़ी, हरबंस सिंह पूर्व पंचायत सदस्य और हरमनप्रीत सिंह पन्नू के साथ-साथ लखविंदर सिंह लक्खा शामिल थे। ये नेता, जिन्होंने डल्लेवाल के अनशन पर गहरी चिंता जताई है, ने सिंह साहिब से अपील की है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने में मदद करें।
भाजपा नेताओं ने डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनके अनशन को समाप्त कराने का आग्रह किया है। पार्टी के प्रतिनिधियों का मानना है कि अनशन से किसान नेता की तबीयत में और गिरावट आ सकती है, जो आगे चलकर उनके जीवन के लिए खतरा बन सकता है। डल्लेवाल के समर्थक भी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि उनकी आवाज़ को सुनते हुए सरकार और अन्य राजनीतिक दल आगे आएं।
महत्वपूर्ण यह है कि किसान आंदोलन पिछले साल से अधिक सक्रिय और प्रभावी रहा है, जिसमें किसान देशभर में अपनी मांगों के लिए एकजुट हुए हैं। डल्लेवाल का अनशन इस गतिविधि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो किसानों की समस्याओं को उजागर करता है। भाजपा नेताओं का यह कदम किसान आंदोलनों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
यह ज्ञापन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के बीच किसान आंदोलन को लेकर मतभेद तो हो सकते हैं, लेकिन जब किसी की जान का सवाल आता है, तो सभी दल एकजुट हो सकते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसान आंदोलनों के प्रति राजनीतिक नेताओं की चिंता और सहयोग की आवश्यकता बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि इस ज्ञापन के माध्यम से जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकल सकेगा और डल्लेवाल अपने जीवन के लिए आवश्यक कदम उठाने में सक्षम होंगे।