लोहड़ी गच्चक पर सख्ती, फरीदकोट मिठाई जांच के नतीजे 15 दिन में इंतजार!

फरीदकोट में लोहड़ी के पर्व से पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण और जरूरी कार्रवाई की है। टीचर कॉलोनी में गज्जक बनाने की अस्वच्छ विधियों की सूचना मिलने के बाद, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फूड सेफ्टी अफसर हरविंदर सिंह के नेतृत्व में एक छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान टीम ने गज्जक के दो नमूनों को एकत्रित किया और इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। इस समय जिले में लोहड़ी के मौके पर बड़े पैमाने पर गज्जक और रेवड़ी का निर्माण हो रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया में स्वच्छता और स्वास्थ्य विभाग के मानकों की अनदेखी की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों पर गज्जक बनाने की गतिविधियाँ न केवल अस्वच्छ हैं, बल्कि इनसे लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरा है। दैनिक भास्कर की डिजिटल रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में संज्ञान लिया है और संबंधित दुकानदारों को स्वच्छता मानकों के पालन के लिए औपचारिक नोटिस जारी किया है। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि विभाग गज्जक और रेवड़ी के उत्पादन में गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है।

फूड सेफ्टी अफसर हरविंदर सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त करने में लगभग 15 दिनों का समय लगेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि खाद्य वस्तुएं बनाने वाले सभी व्यापारियों से अनुरोध किया गया है कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकरण करवाएं और सरकारी निर्देशों का पालन करें। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की कार्रवाइयों से न केवल खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। ऐसे समय में जब त्यौहारों का मौसम चल रहा है, स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। देवी-देवताओं की पूजा और त्यौहारों को मनाने की परंपरा के चलते, यह स्वास्थ्य विभाग का कर्तव्य है कि लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं।

इस संदर्भ में, विभाग की यह पहल निश्चित रूप से सभी के लिए एक सकारात्मक कदम है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद विभाग की अगली कार्रवाई क्या होगी। जनमानस की जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां मिलकर स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।