पंजाब के लुधियाना में हुई एक बड़ी लूट की वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया है। घटना 23 दिसंबर की रात की है, जब हीरो स्टील फैक्ट्री के बाहर खड़े ट्रक में सो रहे ड्राइवर मंगल सिंह को हथियारबंद बदमाशों ने बंधक बना लिया। लुटेरों ने ड्राइवर को बंधक बनाकर 20 लाख रुपए का स्टील लूटकर ट्रक लेकर फरार हो गए। यह मामला 21 दिन बाद पुलिस में दर्ज किया गया, जिसके चलते प्रश्न उठने लगे हैं कि पुलिस की तत्परता की कमी का खामियाजा पीड़ित को क्यों उठाना पड़ा।
ट्रक मालिक हरगुन कुमार ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रात को एक व्यक्ति ने दरवाजा खटखटाया और तंबाकू मांगा। जब मंगल सिंह ने तंबाकू देने के लिए दरवाजा खोला, तब अन्य दो बदमाश भी वहां पहुंच गए। बदमाशों ने ड्राइवर की पिटाई की और उसके हाथ-पैर बांध दिए, ताकि वह विरोध न कर सके। इसके बाद आरोपियों ने ड्राइवर को आलमगीर गुरुद्वारे के पास छोड़कर ट्रक और लूटे गए सामान के साथ भाग गए। यह घटना रात को हुई थी, और अगले दिन ड्राइवर को स्टील का अनलोडिंग करना था।
पुलिस ने इस लूट की वारदात पर अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की थी, जिस पर हरगुन कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी थी। इसके बावजूद, उनके बार-बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 21 दिन बाद जाकर जब पुलिस ने मामला दर्ज किया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है कि आखिर क्यों उन्होंने प्रारंभिक सूचना के चारों ओर चक्कर लगाने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की।
पुलिस उपाधीक्षक बलवीर सिंह ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि मामले में 21 दिन की देर क्यों हुई, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करते हुए फोन काट दिया और फिर दूसरा फोन रिसीव नहीं किया। यह दर्शाता है कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने में जैसी भी चुनौतियां रही हों, उसकी जवाबदेही की आवश्यकता है।
इस घटना ने लोगों के मन में सुरक्षा की चिंता को भी जन्म दिया है और लोगों ने मांग की है कि पुलिस को इस प्रकार की वारदातों को रोकने के लिए और सक्रियता दिखानी चाहिए। खाद्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, आमजन में विश्वास जगाना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उम्मीद है कि दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सके।