देश के हर व्यक्ति को महाकुम्भ का दर्शन करना चाहिए: जया किशोरी
–हम अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कार दुनिया को दिखा रहे
महाकुंभनगर, 14 जनवरी (हि.स.)। महाकुम्भ के पहले अमृत स्नान के पावन अवसर पर संगम में डुबकी लगाने देश दुनिया के श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। वहीं देश के सभी मत पंथ सम्प्रदायों को मानने वाले संत व आचार्य भी महाकुम्भ पहुँचे हैं। वहीं बड़ी संख्या में देश के बड़े कथावाचक भी इन दिनों मेला क्षेत्र में कथा कह रहे हैं।
प्रख्यात कथा वाचक जया किशोरी भी इन दिनों महाकुम्भ में हैं। मकर संक्रान्ति पर उन्होंने संगम में डुबकी लगाई। संगम में स्नान करने के बाद जया किशोरी ने पत्रकारों से कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मैं पहली बार कुम्भ में स्नान के लिए आई हूं। मैं चाहूंगी कि देश का हर व्यक्ति महाकुम्भ का दर्शन करने आये। उन्होंने कहा कि हम अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कार दुनिया को दिखा रहे हैं, जिससे युवा आकर्षित हो और उनका ध्यान भगवान और भक्ति से जुड़ सके।”
मैं अपनी कथाओं में इस बात को कहती हूँ कि बच्चे पाश्चचात्य संस्कृति की ओर इसलिए बढ़ते हैं कि हम अपनी संस्कृति को बहुत उजागर करके बताते नहीं हैं। जब हम अपनी संस्कृति व अपने धर्म के बारे में बतायेंगे तो हमारे बच्चे आकर्षित होंगे। सभी को मकर संक्रांति की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री व महामण्डलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने भी मकर संक्रान्ति की श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।
वहींं किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, “आज हम लोग संगम तीर्थ पर हैं। महाकुम्भ का पहला अमृत स्नान है और हमें बहुत खुशी है कि हम इस स्नान के भागीदार बन रहे हैं। मकर संक्रांति की सभी को बहुत शुभकामनाएं।
—————