लुधियाना में जलते सिलेंडर से हमला: पड़ोसी के खौफनाक कारनामे का वीडियो वायरल!

लुधियाना के धांदरा स्थित संदीला कॉलोनी में लोहड़ी की रात एक चौंकाने वाली और खतरनाक घटना घटी। यहाँ एक परिवार ने अपने पड़ोसियों के घरों को जलाने की कोशिश की, जिसके चलते कई लोग बाल-बाल बच गए। इस घटना के मुख्य आरोपी मनदीप, उसकी पत्नी मधु और मां नरिंदर कौर थे। प्रारंभ में, उन्होंने एक गैस सिलेंडर को आग लगाई, और जब धमाका नहीं हुआ, तो जलते सिलेंडर को उठाकर पड़ोसी के घरों की तरफ फेंकने का प्रयास किया। घटना ने मोहल्ले में हड़कंप मचा दिया।

पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने न केवल जलते सिलेंडर से हमला किया, बल्कि तलवार और अन्य तेज़ धार हथियारों से भी लोगों पर हमलावर होने का प्रयास किया। इस भयावह स्थिति से लोगों को अपनी जान बचाने के लिए अपने घरों में छिपना पड़ा। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि वे कई बार मनदीप और उसके परिवार के उत्पीड़न का शिकार बने हैं। उनकी शिकायतों पर पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थानीय लोग अत्यंत भयभीत हैं।

मंगलवार को, पीड़ित परिवारों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अपने आरोपों को सही ठहराने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किया। यह वीडियो घटना के समय की पूरी चौकसी को दर्शाता है और पुलिस को मामले की गंभीरता का अनुमान लगाने में मदद कर रहा है। इस घटना ने यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि स्थानीय प्रशासन इस प्रकार के आपराधिक व्यवहार पर नियंत्रण पाने में कितना सक्षम है।

आरोपी परिवार का यह क्रूर व्यवहार समाज में भय का माहौल बना रहा है। इलाके के लोग अब एक दूसरे से सावधान रहने लगे हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। मोहल्ले के कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो शायद इस घटना से बचा जा सकता था। अब सभी की नजरें पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि कैसे बार-बार की पूर्व शिकायतों के बावजूद अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो वह किस प्रकार की जघन्यता को जन्म देती है। स्थानीय लोग अब इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि ऐसे ही आपराधिक तत्वों के खिलाफ यदि ठोस और तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं घट सकती हैं। ऐसे में न्याय की आस में सभी पीड़ित परिवार पुलिस की तरफ देख रहे हैं।