जालंधर | आर्य समाज के मॉडल टाउन स्थित मंदिर में लोहड़ी के पर्व के अवसर पर भक्तों ने आयोजित किया एक भव्य सत्संग और हवन। इस धार्मिक आयोजन में आचार्य सुरेश शास्त्री, पंडित सत्य प्रकाश शास्त्री और पंडित बुद्धदेव वेदालंकार ने आहुतियों का समर्पण करते हुए वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। यह समारोह भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, जिसमें हवन कुंड में आहुतियां डालकर उन्होंने अग्नि को प्रसन्न किया।
हवन के बाद, पंडित सुरिंदर आर्य ने भक्तिमय संगीत से समां बांधते हुए भजनों का गायन किया। उनके मधुर भजनों ने माहौल को और भी उत्सवमय बना दिया, जिससे सभी भक्त आनंदित हुए। इस अवसर पर पंडित सुरेश शास्त्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने लोहड़ी के महत्व और इसकी परंपरा पर प्रकाश डाला, जिससे उपस्थित भक्तों को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्य की गहरी समझ मिली।
इस समारोह में आर्य समाज के प्रधान अरविंद घई के अलावा डॉ. ऋषि आर्य, डॉ. निधि मल्होत्रा, बलदेव मेहता, जोगेंद्र भंडारी, मनीष बक्शी, इंद्रजीत आर्य, राजेंद्र आर्य, रमेश चंद्र चोपड़ा, राहुल मधोक, कुलभूषण धीर, रश्मि घई, शशि मेहता और सुदेश भंडारी जैसे कई प्रमुख श्रद्धालु उपस्थित थे। इन सभी ने मिलकर धार्मिक भावना का अनुभव करते हुए लोहड़ी के त्यौहार को धूमधाम से मनाया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल लोहड़ी का त्योहार मनाना था, बल्कि भक्तों में एकजुटता और भाईचारे की भावना को भी जागृत करना था। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से मिलकर और हवन के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देते हैं, जिससे समुदाय के प्रत्येक सदस्य को जोड़ने में मदद मिलती है।
आखिर में, भक्तों ने इस अद्भुत अनुभव को यादगार बनाने के लिए आपस में अनुभव साझा किए और ईश्वर से कामना की कि उनकी जिंदगी में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और हमें हमारे मूल्यों की याद दिलाते हैं। लोहड़ी का यह समारोह निश्चित रूप से जालंधर में भक्तों के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करने में सफल रहा।