पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी मारा गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी, एएसआई शमी, को भी गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बता दें कि पुलिस स्टेशन रंगड़ नंगल के अंतर्गत रात लगभग 9 बजे यह घटना हुई। घायल एएसआई की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डीआईजी सतिंदर सिंह के मुताबिक, जब पुलिस की एक टीम ने गैंगस्टर को रुकने का इशारा किया, तो उसने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिससे वह घायल हो गया। अपराधी को तुरंत बटाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मारे गए गैंगस्टर की पहचान अमृतसर के मजीठा क्षेत्र के गांव मरही कलां निवासी रंजीत सिंह उर्फ राणा के रूप में हुई है। वह प्रभ दासुवाली और डोनी बल के करीबी सहयोगियों में से एक था।
रंजीत सिंह उर्फ राणा पर कई अन्य गंभीर अपराधों, जैसे कि हरिके के एक कमीशन एजेंट राम गोपाल की हत्या में संलिप्तता के आरोप भी हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों के लिए उसे काफी समय से पुलिस द्वारा तलाशा जा रहा था। मुठभेड़ के दौरान हुई इस घटना से पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तत्परता जाहिर होती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस ऐसे कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है, जो समाज में आतंक फैला रहे हैं। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान पुलिस का एक जवान घायल हुआ, जो इसकी गंभीरता को और बढ़ाता है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी पुलिस की इस कार्रवाई को सतर्कता और साहस का परिचायक मान रहे हैं, जिससे अपराधियों में खौफ पैदा होना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि पंजाब में हाल के दिनों में गैंगस्टर गतिविधियों में तेजी आई है, और पुलिस प्रशासन इस चुनौती के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। मुठभेड़ के बाद, क्षेत्र में सुरक्षा को और भी मजबूत करने के लिए उपाय किए जाने की संभावना है। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस ने अब और भी सक्रिय रुख अपनाया है, ताकि ऐसे अपराधी तत्वों पर शिकंजा कसा जा सके। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से समाज में चेतना लाने का काम करेगी और लोगों में सुरक्षा का अहसास बढ़ाएगी।