अबोहर: अस्पताल से बाइक चुराने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, 2 बाइक बरामद!

अबोहर पुलिस ने हाल ही में दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जो चोरी के मामलों में शामिल थे। इनकी पहचान चिंतपूर्णी मंदिर के निकट रहने वाले साजन और दीपक उर्फ दीपू के रूप में हुई है। पुलिस ने बुधवार रात को नाकेबंदी कर वाहनों की जांच करते समय इन दोनों आरोपियों को एक चोरी की बाइक के साथ पकड़ा। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी ढाणी विशेषरनाथ की दिशा में चोरी की बाइक पर जा रहे थे।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, जिससे उन्होंने एक और चोरी की बाइक की जानकारी दी। एएसआई सुखमंदर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी प्रोमिला सिद्धू के नेतृत्व में सहायक थानेदार विनोद कुमार की टीम को अपने गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस ने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि इन दोनों ने ऐसा अपराध किया है, बल्कि ये मुख्य रूप से सिविल अस्पताल के आसपास से बाइक चोरी करने के लिए जाने जाते थे।

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये आरोपी सिर्फ बाइक चुराने तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि छोटे-मोटे लूटपाट की घटनाओं में भी शामिल थे। दोनों आरोपियों द्वारा अंजाम दिए गए अनगिनत अपराधों की लम्बी सूची प्रकाश में आई है, जिससे पुलिस के लिए मामले को और गहराई से जांचने की आवश्यकता पैदा होती है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर, पुलिस ने उनके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने का निर्णय लिया है, ताकि उनसे अन्य आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। इससे यह खुलासा भी हो सकता है कि वे अभी तक कितने अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों पर लगाम कसने का संकल्प लिया है, ताकि आम जनता को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके।

इस गिरफ्तारी ने न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाया है, बल्कि नागरिकों के बीच भी एक सन्देश दिया है कि कानून अपनी धार में है। जितने भी अपराधी लोग हैं, उन्हें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और उन्हें उनके किए गए अपराधों का सामना करना पड़ेगा। अबोहर क्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई ने अपराधियों के लिए एक चेतावनी का काम किया है और बेकाबू अपराधों पर नियंत्रण पाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।