पंजाब की 100 करोड़ की घोड़ा मंडी: 21 करोड़ का डेविड आकर्षण का केंद्र!

पंजाब के मुक्तसर में ऐतिहासिक माघी मेले के दौरान एक अद्वितीय विश्व स्तरीय घोड़ा मंडी का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में लगभग 100 करोड़ रुपए मूल्य के घोड़ों और घोड़ियों का एकत्रीकरण हुआ है। यह घोड़ा मंडी 10 दिनों तक चलने वाली है, जिसमें पूरे देश से घोड़ा व्यापारी और पालक शामिल हो रहे हैं। मंडी में नुकरा और मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों की मुख्य खरीद-बिक्री हो रही है। व्यापारियों के अनुसार, नुकरा घोड़ों की सबसे ज्यादा मांग मुंबई फिल्म सिटी, जयपुर और दिल्ली के शादी समारोहों में है। वहीं मारवाड़ी घोड़ों के प्रमुख खरीदार राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब के किसान और घोड़ा पालक हैं।

घोड़ा मंडी में कई राज्यों के व्यापारी शामिल हुए हैं, जिनमें तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पुणे और मुंबई के व्यापारी शामिल हैं। प्रमुख व्यापारी जैसे असलम खान, के. बाल छिंदे और चौधरी हरफूल ने कहा कि मुक्तसर की यह मंडी विश्व की सबसे प्रसिद्ध घोड़ा मंडियों में एक मानी जाती है। हालांकि, काठियावाड़ और सिंधी नस्ल के घोड़ों की संख्या यहां अपेक्षाकृत कम है।

खास आकर्षण के रूप में, 21 करोड़ रुपए कीमत वाला मारवाड़ी नस्ल का घोड़ा डेविड भी मंडी में आया है। इसे संजम स्टड फार्म से विक्रमजीत सिंह विक्की बराड़ ने लाया है। विक्की ने बताया कि 38 महीने का यह घोड़ा 72 इंच ऊंचा है, जो भारत में सबसे ऊंचा घोड़ा माना जाता है। इस घोड़े की कीमत उसकी नस्ल, ऊंचाई और माता-पिता की विशेषताओं पर आधारित होती है। डेविड को विशेष आहार दिया जाता है जिसमें छोले, बाजरा और outras वस्त्र शामिल हैं।

घोड़ा मंडी में एक और विशेष घोड़ा 26 महीने का 69 इंची नुकरा घोड़ा बिलावल भी है, जो अपने मालिक जसपाल सिंह का प्रिय है। जसपाल ने कहा कि उसकी कीमत करोड़ों में है, लेकिन वह इसे बेचना नहीं चाहते। इसके अतिरिक्त, गुरमेल सिंह की नीले रंग की 66 इंची मारवाड़ी घोड़ी नूरी भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है, जिसकी कीमत 67 लाख रुपए बताई जा रही है।

घोड़ा मंडी के प्रबंधक सुखपाल सिंह भाटी ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 3370 घोड़े मंडी में आ चुके हैं और यह आयोजन 20 जनवरी तक जारी रहेगा। यह घोड़ा मंडी भारत की प्रमुख मण्डियों में से एक है, जहां आए घोड़ों की कीमत लगभग 100 करोड़ के करीब है, हालांकि इनमें से सभी घोड़े बिकाऊ नहीं होते, बल्कि कई घोड़े सिर्फ प्रदर्शनी के लिए लाए जाते हैं। इस प्रकार, मुक्तसर में आयोजित यह घोड़ा मंडी न केवल व्यापारियों के लिए, बल्कि घोड़ा प्रेमियों के लिए भी एक विशेष अनुभव साबित हो रहा है।