पंजाब के पटियाला में राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान चंद भारद्वाज ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सरहिंद रोड पर स्थित 1844 गज के एक विवादित प्लॉट को लेकर उन पर और उनके परिवार पर पिछले महीने जानलेवा हमला किया गया था। उनका कहना है कि पुलिस ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जबकि कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। जानकारी के अनुसार, यह विवाद भूषण कुमार के साथ चल रहा था, जिसमें सेशन कोर्ट ने ज्ञान चंद के पक्ष में निर्णय दिया था। जब उन्होंने प्लॉट की चारदीवारी का निर्माण शुरू किया, तभी भूषण कुमार, उनके बेटे विक्रम और 20-25 अन्य व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें राजिंद्रा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने कहा कि इस हमले की सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, फिर भी पुलिस कार्रवाई करने में लापरवाही कर रही है। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रही है और झूठी सूचनाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कहा है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उनकी स्थिति अलग है। ज्ञान चंद ने अपनी और अपने परिवार की जान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और बताया है कि आरोपी अब भी उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने इस मामले में डीजीपी और गृह सचिव को आवेदन भी दिया है, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें प्लॉट पर काउंटर नोटिस जारी किया जा रहा है, जबकि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
इसके साथ ही, एसोसिएशन के महासचिव अश्वनी कुमार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि पिछले दो वर्षों से उनकी एसोसिएशन ने पंजाब सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञान चंद भारद्वाज और उनके परिवार को न्याय नहीं मिला, तो उनका संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उन्हें न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया जाए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के कई अन्य वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थे।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने बताया कि जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस आरोपियों को पकड़ने में सफल होगी। वहीं, भूषण कुमार ने अपनी ओर से यह कहा कि प्लॉट उनका है और उन्होंने ज्ञान चंद भारद्वाज पर आरोप लगाया कि उन्होंने उस पर अवैध कब्जा कर लिया है। भूषण ने यह भी कहा कि उन्होंने समझदारी से काम लिया है और नादानियों के चलते बाढ़ के समय पर प्लॉट की नपाई में भी हिस्सा नहीं लिया।
इस संपूर्ण मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस हो रही है, क्योंकि ज्ञान चंद भारद्वाज और उनके परिवार को सुरक्षा की आवश्यकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी और मामला सुलझने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पंजाब का प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई करता है या नहीं।