पंजाब के मोहाली में हुई 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब पुलिस की इंस्पेक्टर अमनजोत कौर को समन जारी किया है। उन्हें ठगी के मामले में जुटाए गए सबूत पेश करने का आदेश दिया गया है। पहले भी ईडी ने अमनजोत कौर को बुलाया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। अब ईडी ने उन्हें 20 जनवरी को पेश होने का समय दिया है। अमनजोत कौर ने पिछले साल जनवरी में मोहाली साइबर सेल की प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए इस बड़ी ठगी के मामले का खुलासा किया था, जिसमें पता चला कि सेक्टर 108 में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी कॉल सेंटर के मालिक वरिंदर राज कपूरिया और उसके सहियोगियों संकेत, सोनू, रजत कपूर, निखिल और कपिल के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। अमनजोत कौर की ओर से की गई चिट्ठी के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखने के बाद उन्होंने उचित जांच की मांग की। इस पर सितम्बर में डीजीपी ने विशेष जांच दल का गठन किया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वी. नीरजा, पुलिस महानिरीक्षक (IGP) धनवंत कौर, और मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दीपक पारेख शामिल थे।
इस विशेष जांच दल का गठन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए किया गया जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि जांच सही तरीके से की जाएगी और किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा। इसके अलावा, ईडी ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू की। यह बात ध्यान देने वाली है कि यह मामला अभी मोहाली कोर्ट में प्रगति भी कर रहा है, जिसमें कई साक्ष्यों और गवाहों की साक्षात्कार की आवश्यकता हो सकती है।
पंजाब में इस मामले ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। ऐसे समय में जब साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि हो रही है, पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मामला न केवल तकनीकी अपराधों से संबंधित है, बल्कि यह सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है। राज्य में साइबर अपराधों को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्परता से कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में, यह कहा जा सकता है कि अमनजोत कौर का कार्य इस मामले को उजागर करना महत्वपूर्ण साबित हुआ और इसके बाद जो भी कानूनी और पुलिस कार्रवाई की गई है, वह न केवल इस ठगी में शामिल लोगों को न्याय दिलाने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने में भी सहायक होगी। अब सभी की नजरें 20 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर हैं, जब अमनजोत कौर को ईडी के समक्ष उपस्थित होना है।