लुधियाना: गोवंश काटते व्यक्ति की पिटाई, भीड़ देख 3 फरार!

लुधियाना में एक गर्भवती गाय की निर्मम हत्या का एक नया मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय निवासियों में आक्रोश जागृत कर दिया है। घटना उस समय हुई जब कुछ अपराधी कूड़े के डंप के पास स्थित एक खाली प्लॉट में गोवंश का मांस काट रहे थे। अचानक, वहाँ से गुजरते लोगों की नजर उन पर पड़ गई। जब स्थानीय लोग इस घिनौनी हरकत को देखने के लिए इकट्ठा हुए, तो तीन बदमाश मौके से भागने में सफल रहे, जबकि एक अन्य आरोपी को पकड़ लिया गया। लोगों ने पकड़े गए आरोपी की जमकर पिटाई कर दी, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया।

समाजसेवी रोहित अरोड़ा भोला ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में मरी गायों के शव मिले हैं। पहले भी टिब्बा रोड के पास ऐसी घटनाओं की सूचना मिली थी। आज फिर एक गर्भवती गाय की हत्या कर दी गई। घटना को देख एक स्थानीय नागरिक ने शोर मचाया, जिससे अन्य लोगों को जानकारी मिली। एक आरोपी की पहचान अली के रूप में हुई है। उन्होंने गाय के शरीर के विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग काटकर फेंका था, जो इस घटना की बर्बरता को दर्शाता है। यह सब उस समय हो रहा था जब इलाके में कुछ शरारती तत्व एक नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे।

गौरक्षा दल के प्रमुख विशाल ठाकुर और हिंदू नेता नीरज चोपड़ा ने इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ अब जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उनका मानना है कि यह बदमाश ऐसे कृत्य करके गायों की हत्या कर रहे हैं। पहले भी हिंदू समाज ने गोवंश की तस्करी करने वालों को पकड़ा है, लेकिन आजकल प्रशासन का खौफ इन अपराधियों के दिलों से खत्म होता जा रहा है। इसी वजह से वे इस तरह की वारदातें बड़े पर मान से कर रहे हैं।

उधर, टिब्बा थाना की पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर गाय के अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया है। सहायक उप निरीक्षक कुलबीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन छानबीन की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पुलिस आगामी कार्रवाई के लिए तैयार है। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को परेशान किया है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो ऐसी नृशंसता में शामिल होते हैं कि कानून का हाथ आखिरकार उन पर भी पड़ेगा।

इस मामले ने एक बार फिर से गौहत्या की समस्या को उजागर किया है और समाज में इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता को सामने लाया है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने और ऐसे कृत्यों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।