लैंड फार जॉब केस में ईडी की चार्जशीट पर अगली सुनवाई गुरुवार को

नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर सुनवाई टाल दी है। आज ईडी ने आंशिक दलीलें रखीं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले पर अगली सुनवाई 18 जनवरी को करने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान आज ईडी की ओर से पेश वकील मनीष जैन ने कहा कि आरोपित अमित कात्याल ने 2006-07 में एके इन्फोसिस्टम नामक कंपनी का गठन किया। ये कंपनी आईटी से जुड़ी हुई थी। कंपनी ने वास्तविक रूप से कोई व्यापार नहीं किया बल्कि कई भूखंड खरीदे। इनमें से एक भूखंड लैंड फॉर जॉब के अपराध से हासिल किया गया। इस कंपनी को 2014 में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम पर एक लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया गया। मनीष जैन ने कहा कि इस मामले में ईडी ने केवल अमित कात्याल को गिरफ्तार किया है।

नौ जनवरी को ईडी ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने चार्जशीट में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती, हिमा यादव, हृदयानंद चौधरी और अमित कात्याल को आरोपित बनाया है। ईडी ने हाल ही में अमित कात्याल को गिरफ्तार किया था। लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी के पहले सीबीआई ने केस दर्ज की थी। सीबीआई का मामला भी दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में ही चल रहा है।

सीबीआई से जुड़े मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर, 2023 को बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, लालू यादव और राबड़ी देवी को जमानत दी थी। कोर्ट ने 22 सितंबर, 2023 को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। तीन जुलाई, 2023 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने 27 फरवरी, 2023 को इन तीनों समेत सभी आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सात अक्टूबर, 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में सीबीआई ने भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को गिरफ्तार किया था। भोला 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। लैंड फॉर जॉब घोटाला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। भोला को ही इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। नौकरी के बदले जमीन देने के काम को अंजाम देने का काम भोला को सौंपा गया था।

भोला यादव 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर सीट से विधायक चुने गए थे। सीबीआई ने पिछले साल मई के तीसरे सप्ताह में इस मामले में लालू यादव के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू, राबड़ी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।