अमृतसर में तनाव: आकाशदीप पर शिकंजा कसा, चंद्रशेखर की एंट्री ने बढ़ाई हलचल!

पंजाब के अमृतसर में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपी आकाशदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। पुलिस ने प्रारंभिक एफआईआर में आकाशदीप के खिलाफ आठ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन अब पुलिस ने जांच के दौरान और भी गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। पुलिस के अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि आरोपी को जानकारी हासिल करने के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। महत्त्वपूर्ण रूप से, पुलिस ने आरोपी के पास से एक राष्ट्रीय ध्वज भी बरामद किया है, जो बताया गया है कि उसने बठिंडा में छुपा रखा था।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण, जो खुद अमृतसर पहुंच चुके हैं, ने इस घटना को लेकर अपनी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने घटना स्थल पर जाकर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। आजाद ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने पहले ही बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा पर ध्यान दिया होता, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना कभी नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाने का मन बना चुके हैं और स्थानीय प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को उन सभी स्थलों पर जहां महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने चाहिए। चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर दबाव बनाने की बात कही और यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

पुलिस की कार्रवाई अब और सख्त हो गई है, जिसमें जोड़ी गई धाराएं दर्शाती हैं कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। अमृतसर में इस घटना के बाद स्थानीय समुदाय में आक्रोश बढ़ गया है और इस तरह के हमलों के खिलाफ एकजुटता दर्शाई जा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस अपने दावों में कितनी सफल होती है और चंद्रशेखर आजाद किस प्रकार से इस मुद्दे को उठाते हैं।

इस गंभीर मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी आने लगी हैं। कई संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और मांग की है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले। वे यह भी चाहते हैं कि सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए प्रशासन उचित कदम उठाए। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का क्या असर होता है और इसे कैसे सुलझाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।