पंजाब के गुरदासपुर जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने हाल ही में दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर बॉर्डर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे और उन्हें गिरफ्तार करते समय उनके पास से एक किलो हेरोइन बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुखविंदर सिंह और अमनदीप सिंह के रूप में हुई है, जो चंदू वडाला गांव के निवासी हैं।
इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए थाना कलानौर के एसएचओ जगदीश सिंह ने बताया कि बीएसएफ को चंदू वडाला की सीमा चौकी से इन तस्करों के संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएसएफ ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 550 ग्राम हेरोइन, दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकल बरामद की गई। यह नशा सामग्री भारत-पाकिस्तान सीमा के एक किलोमीटर के दायरे से बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इन तस्करों का नेटवर्क बॉर्डर से संबंधित हो सकता है।
गिरफ्तार किए गए तस्करों से गहन पूछताछ जारी है, जिसमें जांच एजेंसियों का ध्यान इस बात पर है कि यह हेरोइन कहाँ से लाई गई थी और इसे किस जगह भेजा जाना था। यह जानकारी न केवल तस्करों के नेटवर्क को समझने में मदद करेगी, बल्कि ड्रग्स के अंतर्देशीय व्यापार की जड़ें पकड़ने में भी सहायक होगी। बीएसएफ की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सीमा पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त उपाय किए जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब के बॉर्डर क्षेत्र में नशे का कारोबार एक गंभीर समस्या है। तस्करों की गतिविधियाँ न सिर्फ युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि समाज में भी कई तरह की समस्याएँ उत्पन्न कर रही हैं। इस मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार ने विभिन्न कदम उठाये हैं, लेकिन लगातार पकड़ के बावजूद नशा तस्करी की समस्या जटिल बनी हुई है।
बीएसएफ की कार्रवाई ने न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा की भावना पैदा की है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस नशे के खतरे को गंभीरता से ले रही हैं। आगे की जांच और पूछताछ से उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में कुछ नई जानकारियाँ सामने आएँगी, जो न केवल इन तस्करों को बल्कि उनके सहयोगियों को भी पकड़ने में सहायक होंगी। इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के द्वारा नशे के प्रभाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।