श्रीरघुनाथ के हृदय में जयमाला देख हर्षित होकर देवता करने लगे पुष्प वर्षा: प्रखर महाराज
महाकुम्भ नगर, 3 फरवरी (हि.स.)। प्रखर महाराज ने कहा कि श्रीरघुनाथ के हृदय में जयमाला देखकर समस्त देवता, पुष्प वर्षा करने लगे। देवता, किन्नर, मनुष्य, नाग एवं मुनीश्वर जय-जयकार का उद्घोष करने लगे। सोमवार को वह महाकुम्भ के सेक्टर-19 में वह श्रीप्रखर परोपकार मिशन अस्पताल एव शिविर के ज्ञानालय में भक्तों को श्रीराम कथा में धनुष भंग का वृतान्त सुना रहे थे।
उन्होंने कहा कि जयमाल के पश्चात, माता सीता की सखियाँ कह रही हैं, कि सीते! स्वामी के चरण छुओ, किन्तु माता सीता, देवी अहिल्या की गति का विचार कर, उनके चरणों को स्पर्श नहीं कर रही हैं। माता सीता की अलौकिक छवि को देखकर रघुकुल मणि श्रीराम चन्द्र जी मन ही मन मुस्काने लगे। माता सीताजी को देखकर कुछ राजा लोग बहुत तमतमा गए। उन्होंने कहा कि उसी समय, शिवजी के धनुष के टूटने की सुनकर भृगुकुल रूपी कमल के सूर्य परशुराम जी आ गए।
इससे पूर्व बसन्त पंचमी (महाकुम्भ के तृतीय अमृत स्नान) के पावन सुअवसर पर शिविर में निवास करने वाले समस्त कल्पवासी, समस्त ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं महाराजश्री के समस्त अनुयायियों ने प्रातःकाल, तीर्थराज प्रयाग की इस पुण्य भूमि पर एक साथ पूज्य महाराजश्री के मार्गदर्शन में पदयात्रा निकाली। साथ ही गंगा घाट पहुँचकर, माँ गंगा के निर्मल जल में पुण्य की डुबकी लगाकर अमृत स्नान किया। अमृत स्नान के तत्पश्चात शिविर में प्रतिदिन पधारने वाले दण्डी सन्यासियों का जलपान एवं दक्षिणा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
बसंत पंचमी को एक हजार श्रद्धालुओं का हुआ उपचार
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पीपीएम अस्पताल शिविर की ओपीडी में सोमवार को 1000 रोगियों को स्वास्थ्य परामर्श के साथ उपचार व दवाइयाँ प्रदान की गईं। अस्पताल की पैथाॅलाजी लैब में 60 रोगियों की जाँचें व 25 रोगियों को एक्स-रे किया गया।
शिविर में तिलकराज शर्मा, राजेश अग्रवाल, मनोहर लाल जुयाल, डाॅ. सज्जन प्रसाद तिवारी, विश्वनाथ कानोडिया, अशोक जोशी, शिवशंकर जैसंसरिया, रघुनाथ सिंह, सुशील खेमका, अन्जू बत्रा, विवेक मित्तल,आचार्य बाल कृष्ण तिवारी, राजीव तिवारी, नीति तिवारी, गौरीशंकर भारद्वाज, दिनेश मिश्रा, रोजालिन दास एवं योगेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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