मुंबई पुलिस करेगी समय रैना-रणवीर अलाहबादिया से पूछताछ, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ एपिसोड यूट्यूब से हटा!

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो के यूट्यूबर रणवीर अलाहबादिया के विवादास्पद बयानों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस बीच, यूट्यूब ने इस एपिसोड को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। मुंबई पुलिस ने इस विवाद के संदर्भ में समय रैना और रणवीर अलाहबादिया से संपर्क किया है, और उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर मामले में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। दरअसल, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने यूट्यूब को एक पत्र लिखकर इस एपिसोड को हटाने की अपील की थी।

रणवीर अलाहबादिया ने हाल ही में इस मामले में माफी भी मांगी है। NHRC के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो का कहना है कि यूट्यूब को भेजी गई शिकायत में शो के कंटेंट को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। इसमें नकारात्मकता, भेदभाव, धार्मिक एवं सांस्कृतिक असहिष्णुता का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपमानजनक और अश्लील टिप्पणियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का शो है, जिसे 8 फरवरी को यूट्यूब पर प्रसारित किया गया था। इस शो में बोल्ड कॉमेडी सामग्री शामिल होती है, और इसके दुनियाभर में 73 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। इस शो में माता-पिता और महिलाओं के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की गई, जिसका उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता।

इसके खिलाफ मुंबई में खार थाने में FIR दर्ज की गई है, जो एडवोकेट आशीष राय द्वारा की गई शिकायत के आधार पर है। FIR में रणवीर अलाहबादिया, अपूर्वा मखीजा और समय रैना का नाम शामिल है। इसी प्रकार असम में भी इस मामले में FIR दर्ज कराई गई है।

भोपाल में हिंदू संगठनों ने भी इस वीडियो के खिलाफ विरोध जताया है। ‘संस्कृति बचाओ मंच’ के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि माता-पिता और माताओं पर की गई टिप्पणियां बेहद अपमानजनक हैं और उनपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि रणवीर अलाहबादिया और समय रैना को भोपाल में आने नहीं दिया जाएगा।

इस घटना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, और ऐसी प्रतिक्रियाएं समाज में नैतिकता और संस्कृति की सुरक्षा के सवालों को भी उजागर कर रही हैं। यह मामला न केवल यूट्यूब की सामग्री की जाँच की आवश्यकता को दर्शाता है, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी को भी सिद्ध करता है। अब देखना होगा कि क्या इस मामले में आगे और क्या कदम उठाए जाएंगे।