मोदी-ट्रम्प मुलाकात से पहले ट्रम्प का धमाका: सभी देशों पर समान टैरिफ, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू

नमस्कार, आज हम आपको कुछ प्रमुख खबरों से अवगत कराएंगे जो हाल ही में सुर्खियों में रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से लेकर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने, नए इनकम टैक्स बिल के प्रस्तुतीकरण, और अन्य प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिका में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों ही बड़े लोकतंत्र हैं, और उनका मिलना केवल 1 + 1 = 2 का समीकरण नहीं है, बल्कि इससे विश्व कल्याण में और भी अधिक योगदान मिलेगा। हालांकि, ट्रम्प ने हाल ही में एक नई टैरिफ नीति पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत सहित सभी देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इसका अर्थ यह है कि अगर कोई देश अमेरिकी सामान पर टैरिफ बढ़ाता है, तो अमेरिका भी उसी देश के सामान पर उतना ही टैरिफ लगाएगा।

इसके साथ ही, मणिपुर में हाल ही में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के चार दिन बाद लिया गया, जो 9 फरवरी को गवर्नर को अपना इस्तीफा सौंप चुके थे। मणिपुर में पिछले कुछ समय से जातीय हिंसा चल रही है, जिसके कारण वहां की स्थिति गंभीर हो गई है। विपक्षी दलों की बढ़ती आलोचनाओं और जनहानि के कारण बीरेन सिंह पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया है, जो पहले की अपेक्षा छोटा है। इस नए बिल में 622 पन्नों अलावा 23 चैप्टर और 536 धाराएं शामिल हैं। केंद्र सरकार का दावा है कि यह नया बिल आम जन के लिए समझने में आसान होगा और इसके द्वारा पुराने 1961 के इनकम टैक्स एक्ट का स्थान लिया जाएगा।

विपक्षी दलों के बीच छिड़े हंगामे की वजह से वक्फ बिल की जेपीसी रिपोर्ट संसद में पेश की गई, जिस पर कई सांसदों ने सवाल उठाए। इसी बीच शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के साथ मुलाकात की, जिसमें उन्होंने चुनावों को निष्पक्ष बनाने की दिशा में एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।

इन घटनाओं के बीच, रजत पाटीदार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का नया कप्तान बनाया गया है। विराट कोहली ने उन पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस पद के लिए पूरी तरह से हकदार हैं।

आखिर में, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने आर्टिकल 370 के बारे में कहा कि इसे खत्म होना ही था, साथ ही राम मंदिर फैसले पर अपनी बात रखी। इन खबरों के माध्यम से हम जान सकते हैं कि हमारे देश में राजनीतिक हालात किस दिशा में बढ़ रहे हैं और विभिन्न मुद्दों पर नेताओं की राय क्या है।

इन सभी घटनाओं से यह परीक्षा होती है कि कैसे राजनीतिक नेताओं के बीच संवाद और ठोस फैसले लोकतंत्र को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। ऐसी ही और भी खबरों के लिए जुड़े रहें।