राजस्थान में फरवरी का पहला पखवाड़ा शुरू होते ही मौसम में अचानक गर्मी की दस्तक देखने को मिली है। विशेषकर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। इस परिवर्तन का असर किसानों की फसलों से लेकर आम जनता की सेहत पर भी पड़ने लगा है। वर्तमान में वायरल और मौसमी बीमारियों का फैलना शुरू हो चुका है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
बीते 24 घंटों के दौरान, राजस्थान के सभी शहरों में आसमान साफ रहा और तेज धूप देखने को मिली। सबसे अधिक गर्मी का अनुभव बाड़मेर में किया गया, जहां अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा, जैसलमेर में 31.2 डिग्री, जोधपुर में 30.1 डिग्री, फलौदी में 30.4 डिग्री, डूंगरपुर में 30 डिग्री, जालोर में 32.1 डिग्री और बीकानेर में 28.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी गर्मी का असर देखा गया, जहां अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आगामी दिनों में जयपुर में तापमान में और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
इस मौसम में बढ़ती गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। दिन में तेज गर्मी और रात में ठंडक के कारण खांसी और जुकाम की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में 16 से 20 डिग्री सेल्सियस का अंतर वायरल इन्फेक्शन के मामलों को बढ़ाता है। साथ ही, रबी की फसलों पर भी इस गर्मी का नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। कृषि विशेषज्ञ इस विषय पर चिंता जताते हुए किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे फसलों की देखभाल के लिए समय पर सिंचाई करें, ताकि फसलों के आकार और गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 से 48 घंटों में राजस्थान में मौसम की स्थिति स्थिर रहने और आसमान साफ रहने की संभावना जताई है। साथ ही, उन्होंने कहा है कि 48 घंटों के बाद दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है।
इस प्रकार, राजस्थान में बढ़ती गर्मी स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर प्रभाव डाल रही है। जबकि मौसम विज्ञानियों ने आगामी दिनों में मौसम के स्थिर रहने की बातें की हैं, लेकिन आम जनता और किसान अपनी तैयारियों में सतर्कता बरत रहे हैं।