पंजाब के कई जिलों में मौसम ने अपना रुख बदल लिया है, जहां बादल छाए रहने के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट देखी गई है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य के मौसम में बदलाव आ रहा है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 19 और 20 फरवरी को राज्य के कई हिस्सों में वर्षा होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। शनिवार के मुकाबले रविवार को तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है, हालांकि अब भी तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक बना हुआ है।
राज्य के सबसे अधिक तापमान का रिकॉर्ड भटिंडा में 26.3 डिग्री सेल्सियस के साथ दर्ज हुआ, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 7 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हालांकि, कम वर्षा की वजह से चिंता की लहर भी उठ रही है। इस वर्ष के शुरूआती महीनों में, विशेषकर मनसून के बाद, पंजाब में बारिश की कमी महसूस की गई है। जनवरी 2024 के बाद से, आमतौर पर 35.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 8.8 मिमी की ही वर्षा हुई है। भाखड़ा बांध प्रबंधन ने पहले ही बांधों में पानी की कमी के बारे में चिंता व्यक्त की है।
सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों को भी इस साल सामान्य बारिश में कमी आने की आशंका से अलर्ट किया गया है। इससे सिंचाई और बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है, जिसके चलते किसान और आम जन जीवन प्रभावित हो सकता है। यदि बारिश कम होती रही, तो आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति भी बन सकती है।
जिलेवार मौसम की बात करें तो अमृतसर में तापमान में ज्यादा परिवर्तन नहीं दिखेगा और आसमान साफ रहेगा, जिससे तापमान 10 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। जालंधर और लुधियाना में भी तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जबकि लुधियाना में तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। वहीं, पटियाला और मोहाली में भी तापमान में थोड़ी वृद्धि के साथ आसमान साफ रहने का अनुमान है, और तापमान 13 से 26 डिग्री के बीच रह सकता है।
इस प्रकार, पंजाब में मौसम के बदलते मिजाज और कम बारिश से संबंधित चिंताओं ने लोगों के बीच एक नई चर्चा को जन्म दिया है। अगली कुछ दिनों में संभावित बारिश की उम्मीदें राज्य के किसानों और आमजन के लिए राहत की एक किरण हो सकती हैं।