फिल्म निर्माता करण जौहर ने हाल ही में अपने पिता यश जौहर के बारे में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 1990 में आई फिल्म अग्निपथ की असफलता ने उनके परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया था। इस फिल्म के बाद करण के पिता यश जौहर को बहुत गहरा धक्का लगा, जिससे उनके परिवार की स्थिति पर बुरा असर पड़ा। हालांकि, यश जौहर के हैंडीक्राफ्ट व्यापार ने आगे चलकर परिवार को सहारा दिया। करण ने कोमल नाहटा के साथ बातचीत के दौरान यह भी कहा कि धर्मा प्रोडक्शन्स जिस वक्त कठिनाई में थी, उस दौरान उनके पिता का व्यवसाय ही उनकी ढाल बना।
करण जौहर ने याद दिलाया कि जब धर्मा प्रोडक्शन्स लगातार असफल फिल्मों का सामना कर रहा था, तब उन्हें बेघर होने का डर सताने लगा था। लेकिन उनके पिता का व्यवसाय, हालांकि ज्यादा लाभकारी नहीं था, फिर भी उन सभी संकटों के बीच परिवार के लिए सहारा बना रहा। करण ने स्पष्ट किया कि बड़े बजट की फिल्में जैसे ‘दुनिया’ (1984), ‘मुकद्दर का फैसला’ (1987) और ‘अग्निपथ’ (1990) सभी बड़े नामों के साथ आईं थीं, लेकिन जब ‘अग्निपथ’ असफल हुई तो उनके पिता के मनोबल पर गहरा असर पड़ा।
करण ने यह भी बताया कि 1993 में उनकी फिल्म ‘गुमराह’ रिलीज हुई, जो औसत सफलता हासिल कर सकी। हालांकि, 1998 में ‘डुप्लीकेट’ ने बुरी तरह असफलता का सामना किया, लेकिन उसी साल ‘कुछ कुछ होता है’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। यह फिल्म सिर्फ एक सफलता नहीं थी, बल्कि इसने सभी प्रमुख कला निर्देशकों के करियर को एक नई दिशा दी और उस समय की सर्वाधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में से एक बन गई।
1998 में अपने डायरेक्शन करियर की शुरुआत करते हुए, करण जौहर ने ‘कुछ कुछ होता है’ नामक फिल्म बनाई, जिसमें शाहरुख़ ख़ान, काजोल, और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म ने उन्हें न केवल सफलता प्रदान की बल्कि फिल्मफेयर अवार्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले का पुरस्कार भी दिलवाया। इसके बाद उनके द्वारा निर्देशित ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001) और ‘कभी अलविदा न कहना’ (2006) ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छे परिणाम दिए। इसके साथ-साथ 2010 में उनकी फिल्म ‘माय नेम इज़ खान’ ने उन्हें एक बार फिर फिल्मफेयर के बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार दिलाया।
2004 में अपने पिता यश जौहर के निधन के बाद, करण ने धर्मा प्रोडक्शन की कमान संभाली। तब से उन्होंने कई सफल फिल्में प्रोड्यूस की हैं, जिनमें ‘कल हो ना हो’, ‘दोस्ताना’, ‘आई हेट लव स्टोरी’, ‘अग्निपथ’ और ‘ये जवानी है दीवानी’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। करण जौहर ने न सिर्फ डायरेक्शन में अपने लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया, बल्कि बतौर प्रोड्यूसर भी उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है।