लगातार मजबूत होती रहेगी भारत की लोकतांत्रिक विरासतः राजीव कुमार

लगातार मजबूत होती रहेगी भारत की लोकतांत्रिक विरासतः राजीव कुमार

नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार आज अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। वे 01 सितंबर 2020 को चुनाव आयुक्त बने थे और 15 मई, 2022 को देश के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

दिल्ली के पटेल चौक स्थित चुनाव आयोग कार्यालय से निकलते समय पत्रकारों से बातचीत में राजीव कुमार ने कहा कि यह इमारत लोकतंत्र के लिए पूजा का स्थान है। इसने पिछले 75 वर्षों में महान प्रयास के साथ एक मजबूत विरासत का निर्माण किया है। उन्हें विश्वास है कि भविष्य में यह विरासत और अधिक स्मृद्ध होगी।

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और डॉ. सुखबीर सिंह संधू राजीव कुमार को विदा करने बिल्डिंग के बाहर तक आए। ज्ञानेश कुमार अब अगले मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे।

उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार के कार्यकाल में कई चुनावी सुधार किए गए। इनमें 17 से अधिक आयु के युवाओं के लिए उन्नत आवेदन सुविधा के साथ मतदाता पंजीकरण के लिए चार अर्हता तिथियों को क्रियान्वित करना भी शामिल रहा। मतदाता पंजीकरण के लिए सरलीकृत फॉर्म; असम में परिसीमन के साथ चुनावी सीमाओं को फिर से परिभाषित करना; मतदाता सुविधा केंद्र पर मतदान कर्मियों द्वारा मतदान सुनिश्चित करना ताकि किसी भी तरह की धमकी, देरी और गलत कामों से बचा जा सके। इन पहलों का उद्देश्य चुनाव प्रशासन को आधुनिक बनाते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक को सशक्त बनाना था।

कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान 31 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चुनाव कराये। इसके साथ ही उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव और राज्यसभा में विभिन्न रिक्तियों को पूरा कराने से जुड़े चुनाव कराए। यह चुनावी प्रबंधन में एक दुर्लभ और यादगार उपलब्धि है। इस दौरान चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और लगभग शून्य पुनर्मतदान और हिंसा की घटनाएं हुईं।

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