‘अर्जुन कपूर की तारीफ से भावुक हर्ष गुजराल: पैसों की खातिर शुरू की कॉमेडी’

कॉमेडियन हर्ष गुजराल अब बॉलीवुड में अपने कदम रख रहे हैं और उनकी पहली फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ बहुत चर्चा में है। इस फिल्म में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत जैसे बड़े सितारे नजर आएंगे। हर्ष इस फिल्म में अर्जुन के सबसे अच्छे दोस्त की भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में रिलीज हुए इस मल्टीस्टारर फिल्म के ट्रेलर में हर्ष के किरदार ने दर्शकों के बीच उत्सुकता को बढ़ा दिया है। हर्ष ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपनी कॉमेडी के सफर और को-स्टार्स के समर्थन के बारे में खुलकर बताया।

जब हर्ष से पूछा गया कि फिल्म में भूमि और रकुल से उन्हें सबसे ज्यादा प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है, तो उन्होंने कहा कि वह इन दोनों के साथ बेहतरीन केमिस्ट्री बनाने में जुटे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि कोई ऐसा दोस्त नहीं होता जो एक साथ दो लड़कियों की केमिस्ट्री पर काम कर रहा हो। वह अर्जुन के पास्ट, प्रेजेंट और फ्यूचर का ख्याल रखते हुए अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

कॉमेडी के क्षेत्र में हर्ष ने ये भी स्वीकार किया कि यह एक चुनौतीपूर्ण जॉनर है। पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि सभी कॉमेडियनों की कॉमेडी का स्रोत दर्द नहीं होता। जैसा कि उन्होंने बताया, “मैंने जब आठ साल पहले कॉमेडी से शुरुआत की थी, तब मेरा प्रेरणा स्रोत बेबसी नहीं बल्कि आर्थिक तंगी थी। फिर भी, आज भी मेरा बैंक बैलेंस वही है। इसलिए, मुझे लगता है कि कॉमेडी का संबंध दर्द से नहीं बल्कि अनुभवों से है।” हर्ष ने यह भी बताया कि एक इंजीनियर के रूप में वह कभी खुश नहीं थे, जबकि अब लोग उनके शो के लिए टिकट खरीदकर आते हैं।

ट्रेलर लॉन्च के दौरान अर्जुन कपूर ने हर्ष की इच्छा की तारीफ की, जो उनके लिए एक खास पल था। हर्ष ने कहा, “मेरे माता-पिता और परिवार को इस पल की खुशी हुई। मैं चाहता था कि नई प्रतिभाओं को लेकर खुशी का माहौल बने, और अर्जुन व भूमि ने मेरे साथ जो सहयोग किया, वो बहुत खास था। उनके समर्थन से मैंने खुद को बहुत आरामदायक महसूस किया। भूमि ने मुझे सलाह दी कि प्रैक्टिस करते रहो और जो टेक लें, वो बेस्ट होना चाहिए।”

अपने सफर के बारे में बात करते हुए, हर्ष ने साझा किया कि वह पिछले आठ वर्षों से स्टैंडअप कॉमेडी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में वह केवल दो दर्शकों के सामने प्रदर्शन करते थे, जबकि अब उनके शो में हजारों लोग आते हैं। उनका अनुभव बताता है कि भले ही सफलता मिले, विनम्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। हर्ष का मानना है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा बन जाए, हमेशा आदर और विनम्रता का पालन करना चाहिए।