पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने हाल ही में अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत 52 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया है। इनमें से 8 पुलिसकर्मी लुधियाना देहात और खन्ना के हैं। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदाचार के आरोप थे, जिसके कारण डीजीपी यादव ने कड़ी कार्रवाई की। इनमें से कई पुलिसकर्मी आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे, जबकि अन्य ने लंबे समय तक गैरमौजूद रहने के कारण अपनी नौकरी से हाथ धो लिया। इस कार्रवाई ने पोलिस कर्मचारियों में ड्यूटी के प्रति गंभीरता लाने का काम किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लुधियाना के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त किया गया है। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, जो ड्रग तस्करी के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं, को भी बर्खास्त किया गया है। उनके अलावा कॉन्स्टेबल इंद्रजीत सिंह और विकास को भी बिना छुट्टी के लंबे समय तक ड्यूटी से गैरमौजूद रहने के कारण बर्खास्त किया गया है। विकास पर भी ड्रग तस्करी का आरोप है। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण सबक दिया गया है।
इसके साथ ही, लुधियाना देहात के तीन कॉन्स्टेबल- गुरप्रीत सिंह, इकबाल सिंह और गुरिंदर सिंह को भी बर्खास्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरप्रीत और इकबाल विदेश में रह रहे हैं, जबकि गुरिंदर सिंह को नशे की लत के कारण बर्खास्त किया गया है। यह बात चिंता का विषय है कि पिछले कुछ वर्षों में ये कर्मचारी बिना किसी सूचना के लापता रहे, जिससे उनके कदाचार की पुष्टि होती है। गुरप्रीत सिंह, जो 2016 में भर्ती हुए थे, एक साल पहले विदेश चले गए थे, जबकि इकबाल सिंह 2011 में फोर्स में शामिल हुए और डेढ़ साल पहले विदेश चले गए।
खन्ना से सीनियर कॉन्स्टेबल भगवंत सिंह को भी लंबे समय तक ड्यूटी से गैरमौजूद रहने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्तगी की इस प्रक्रिया में पटियाला जिले से सबसे अधिक पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है, जहां पर पांच पुलिसकर्मियों की सेवा को समाप्त किया गया। इसके साथ ही, होशियारपुर, सीपी लुधियाना और कपूरथला में 4-4 पुलिसकर्मी भी बर्खास्त किए गए हैं। यह कार्रवाई विभिन्न जिलों में भी जारी रहेगी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग अनुशासन को बनाए रखने के लिए गंभीर है।
पंजाब पुलिस ने ड्रग तस्करी के मामलों के खिलाफ एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यह जानकारी विभिन्न क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की संख्या और उनकी स्थिति को दर्शाती है। इन उपायों के जरिए पंजाब पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपराध और अनुशासनहीनता के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे कार्यवाहियों से पुलिस बल की छवि को सुधारने और नागरिकों के विश्वास को बहाल करने की दिशा में सकारात्मक पहल होने की उम्मीद की जाती है।