जोधपुर: 9 ट्रेनी एसआई की बर्खास्तगी, 3 महिलाएं शामिल; SOG ने जताई गंभीरता!

जोधपुर में एक प्रमुख घटनाक्रम में, पुलिस भर्ती परीक्षा 2021 में घोटाला करने के आरोप में 3 महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर (SI) समेत कुल 9 व्यक्तियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विशेष अभियान समूह (SOG) ने इन सभी के खिलाफ पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स के माध्यम से परीक्षा पास करने का मामला दर्ज किया था। इन आरोपियों को 3 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में सभी जमानत पर हैं। जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार ने मंगलवार को इन सभी की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।

बर्खास्त किए गए व्यक्तियों में प्रमुख नाम हैं: गोपी राम जांगू बिश्नोई (सिहागों की बेरी, बाड़मेर), चंचल बिश्नोई (फिटकासनी, जोधपुर), अजय बिश्नोई (भवाद, जोधपुर), दिनेश कुमार बिश्नोई (कबुली, बाड़मेर), नरेश कुमार बिश्नोई (मालवाड़, जालोर), प्रियंका बिश्नोई (देवदा, जालोर), हरकू जाट (केरवाड़ा, बाड़मेर), सुरेंद्र कुमार बिश्नोई (दांता, सरनाऊ, जालोर) और दिनेश कुमार बिश्नोई (भागीरथ का पुत्र, देवड़ा, जालोर)। इन सबके खिलाफ सबूत जुटाए गए थे, जिसमें दिखाया गया कि उन्होंने फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त की थी।

पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ। SOG की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने डमी कैंडिडेट्स को परीक्षा में बैठाकर अवैध तरीके से सफलता प्राप्त की। इस मामले में करीब 50 ट्रेनी सब इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से लगभग 25 को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।

इसके अलावा, बीकानेर और कोटा के आईजी ने भी हाल ही में 5 और ट्रेनी सब इंस्पेक्टरों को बर्खास्त किया। इनमें 2 महिला ट्रेनी शामिल थीं जो परीक्षा में फर्जी तरीके से पास हुई थीं। इनकी बर्खास्तगी के आदेश मंगलवार शाम को जारी किए गए, जो कि इनकी डमी कैंडिडेट्स के माध्यम से भर्ती में स्थित गड़बड़ियों का परिणाम है। बर्खास्त ट्रेनी सब इंस्पेक्टरों को बीकानेर और कोटा रेंज में पोस्टिंग मिली थी, लेकिन अब उन्हें अपनी सेवा से हटा दिया गया है।

इस स्थिति ने एक बार फिर से सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और दक्षता पर सवाल उठाए हैं। ऐसी घटनाएं न केवल अभ्यर्थियों के लिए विश्वासघात हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा बलों की छवि पर भी चोट करती हैं। अधिकारियों ने इस मामले में सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में ऐसे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।