रणबीर का चौंकाने वाला कॉल: “कौन हो भाई?” इश्कबाज़ दोस्त की शरारत समझ बैठे

एक्टर विनीत कुमार हाल ही में अपनी फिल्म ‘छावा’ में कवि कलश के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने एक बातचीत में बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर के साथ एक मजेदार अनुभव को साझा किया। विनीत ने बताया कि जब रणबीर ने उन्हें फिल्म ‘अग्ली’ में उनके प्रदर्शन के लिए फोन किया, तो वह पूरी तरह से चौंक गए थे। उन्हें यह विश्वास ही नहीं हुआ कि खुद रणबीर कपूर उनसे बात कर रहे हैं। विनीत ने कहा, “मुझे लगा कि शायद कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है।”

विनीत ने अपनी यादों को साझा करते हुए कहा, “मुझे रणबीर कपूर का काम बहुत पसंद है। 2013 में जब मैंने ‘अग्ली’ देखी, तब मुझे रणबीर का एक फोन आया। जब उन्होंने कहा ‘हैलो विनीत, मैं रणबीर बोल रहा हूं’, तो मैंने तुरंत सोचा, कौन शरारत कर रहा है? उस समय कोई भी मेरा दोस्त ‘रणबीर’ नाम का नहीं था।” यह फोन उन्हें उस समय मिला, जब फिल्म रिलीज भी नहीं हुई थी। इस बातचीत के दौरान रणबीर ने उनकी कला की तारीफ की, जिसने विनीत को और अधिक प्रेरित किया।

विनीत ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “जब कभी कोई कलाकार दूसरे के काम की सराहना करता है, तो यह एक खूबसूरत पल होता है। मैं खुद को रणबीर कपूर का आभारी मानता हूं कि उन्होंने मुझे ये बताया। मेरे लिए यह एक बड़ा जेस्चर है।” उन्होंने कहा, “जब भी मुझे लगता है कि रणबीर ने किसी प्रोजेक्ट में अच्छा काम किया है, मैं उसे हमेशा बताता हूं। हमारी आपस में एक सम्मानजनक रिश्ता है।”

विनीत कुमार की यात्रा सिर्फ उनकी फिल्म के जरिए ही नहीं, बल्कि उनके संघर्ष के जरिए भी दर्शायी गई है। विनीत ने अपने करियर की शुरुआत 2000 के आस-पास मुंबई आकर की थी और इस दौरान उन्होंने कई टेढ़े-मेढ़े रास्ते तय किए हैं। उन्होंने कहा, “आजकल के लोग जल्दी हार मान लेते हैं, लेकिन मैंने 25 सालों तक संघर्ष किया है। जब मैं आया था, तब मैंने कई छोटी-छोटी भूमिकाएं कीं, लेकिन मेरी असली पहचान अब जाकर मिली है।”

उनके संघर्ष की कहानी प्रेरणादायक है। विनीत ने ना सिर्फ अभिनय में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपनी पढ़ाई से लेकर कार बेचने और साइकिल पर चलने तक के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, “डॉक्टरी की पढ़ाई की ताकि मैं फिल्मों की दुनिया में आ सकूं। मेरा सफर आसान नहीं रहा, लेकिन मैं खुद पर गर्व महसूस करता हूं। आज ‘छावा’ में कवि कलश का किरदार निभाते हुए जो अनुभव कर रहा हूं, वो अनमोल है।”

इस तरह, विनीत कुमार का सफर उनके पूर्ण समर्पण और दृढ़ता की मिसाल है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होती है, जो उन्हें आज इस मुकाम तक लाने में सहायक बनी है।