लुधियाना | विजिलेंस ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर, गुरजोत सिंह को गिरफ्त में लिया है। यह गिरफ्तारी जाली रजिस्ट्रियों के मामले में की गई है। अदालत ने गुरजोत सिंह को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, ताकि आगे की जांच में मदद मिल सके। यह मामला तब सामने आया जब विजिलेंस ने 27 फरवरी को विभिन्न आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिनमें लुधियाना वेस्ट के तहसीलदार जगसीर सिंह सरां, खरीदार दीपक कुमार और रजिस्ट्री क्लर्क कृष्ण गोपाल शामिल थे।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह एक साजिश के तहत कार्य कर रहा था, जिसमें अमेरिका में रह रहे एक जमीन मालिक, दीप सिंह की करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि की फर्जी रजिस्ट्री तैयार की गई थी। यह मामला बहुत गंभीर है, क्योंकि इसमें सरकारी अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। विजिलेंस ने पहले ही एडवोकेट गुरचरण सिंह को गिरफ्तार किया था, और अब गुरजोत सिंह को भी सिधवां बेट से पकड़ा गया है।
गुरजोत सिंह का दफ्तर साउथ सिटी एरिया में “रियल इस्टेट” नाम से चल रहा है, जहाँ वह जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम करता था। विजिलेंस के अनुसार, आरोपी ने अपने दफ्तर का प्रयोग फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से अवैध रजिस्ट्री कराना की योजना को लागू करने के लिए किया। फर्जी रजिस्ट्री से न केवल राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचा, बल्कि यह कानूनी प्रणाली की विश्वसनीयता को भी खतरे में डालता है।
विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई से क्षेत्र के रियल एस्टेट व्यापार में हलचल मच गई है। अब सवाल यह उठता है कि इससे जुड़े अन्य आरोपी और कुछ और सरकारी कर्मचारी भी इस जांच के दायरे में आएंगे या नहीं। यह बात भी गौर करने योग्य है कि भू-माफियाओं द्वारा इस तरह के फर्जी रजिस्ट्रेशन का खेल अतीत में भी कई बार सामने आ चुका है।
इस मामले के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि वे अब यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि उन्हें कितनी सावधानी बरतनी चाहिए जब वे रियल एस्टेट में निवेश करते हैं। विजिलेंस ब्यूरो का यह कदम एक सकारात्मक संकेत है कि यह विभाग ऐसे मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है और कानून का पालन कराने का प्रयास कर रहा है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि ऐसे जालसाजों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ऐसे मामलों में और भी संवेदनशीलता बरती जाए।