चंडीगढ़ में एक बड़े साइबर ठगी के मामले ने सबको चौंका दिया है, जिसमें एक व्यक्ति को सिर्फ मुनाफे के लालच में 3.66 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह मामला तब उजागर हुआ जब सुरिंदर कुमार ठाकुर ने चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान, पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर और सीकर से दो मुख्य आरोपियों अंकिता गुप्ता और राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनमें मुख्य आरोपी मनीष शामिल है।
विभिन्न शेयर बाजार ग्रुपों का उपयोग करते हुए आरोपियों ने सुरिंदर को एक वॉट्सऐप ग्रुप “P15 स्टॉक मार्केट एक्सचेंज क्लब” में शामिल कराया। इस ग्रुप में अंकिता गुप्ता खुद को SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज लिमिटेड का कर्मचारी बताती थी और शेयर बाजार से संबंधित जानकारी प्रदान करती थी। वहीं, राहुल शर्मा ग्रुप का “टीचर” बनकर शेयर बाजार के ट्रेंड्स और संभावित निवेश के बारे में बताता था। सुरिंदर ने ग्रुप में शामिल होने के बाद इन दोनों के जरिए शेयर बाजार से संबंधित कई जानकारी प्राप्त की थी, जो वास्तव में उसे आकर्षित करने के लिए थी।
ठगी का सिलसिला वहीं से शुरू होता है जब अंकिता ने सुरिंदर को गोल्डन स्टॉक्स में निवेश करने का सुझाव दिया। ये स्टॉक्स इस उम्मीद में थे कि वे जल्दी बढ़ेंगे। बाद में, अंकिता ने सुरिंदर को भारतीय होटल का शेयर खरीदने की भी सलाह दी, जो उसने पहले ही डिमैट खाते में खरीदा था। धीरे-धीरे सुरिंदर को विश्वास हुआ कि वे एक वास्तविक फाइनेंशियल संस्था से जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में, अंकिता और राहुल ने मिलकर सुरिंदर से इंस्टीट्यूशनल अकाउंट खोलने के लिए कहा, ताकि वह ज्यादा मुनाफा कमा सके।
जैसे ही सुरिंदर ने इंस्टीट्यूशनल अकाउंट खोलने के लिए जानकारी मांगी, उसे मनीष का नंबर दिया गया, जो मुख्य आरोपी था। इसके बाद सुरिंदर ने एक नए फंड में निवेश करने के लिए पैसे भेजे, लेकिन उसके बाद उन्हें लगातार धोखे का सामना करना पड़ा। यह ठगी उस समय अधिक गंभीर हो गई जब सुरिंदर को धन का मेहनत से अर्जित मुनाफा केवल एक छलावा नजर आया।
इस प्रकार, इस मामले ने केवल सुरिंदर ही नहीं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी साइबर ठगों के खिलाफ जागरूक होने की आवश्यकता का अहसास कराया है। चंडीगढ़ पुलिस अब इन ठगों की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है, ताकि वे आगे आकर अपनी कहानी बताएं और ऐसे ठगों के खिलाफ सबको सावधान किया जा सके। पुलिस ने अब व्यक्ति विशेष को सलाह दी है कि वे निवेश से जुड़े निर्णय बहुत सावधानी से लें और किसी भी अनजान स्रोत से प्राप्त जानकारी पर पूर्वाग्रह से विचार न करें।