सिविल सर्जन ने ग्लूकोमा सप्ताह की शुरुआत कर सबको चौंकाया!

अमृतसर: सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने सिविल सर्जन कार्यालय में एक जागरूकता बैनर का विमोचन करके विश्व ग्लूकोमा सप्ताह का औपचारिक आरंभ किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने ग्लूकोमा यानी मोतियाबिंद के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद, जो कि देश में स्थायी अंधेपन का एक मुख्य कारण बन चुका है, का समय पर निदान करना अत्यंत जरूरी है।

डॉ. कौर ने बताया कि यदि मोतियाबिंद का जल्दी पता लगाया जाए, तो उसका प्रभावी इलाज संभव है। इस संदर्भ में, 10 मार्च से 16 मार्च के बीच विश्व स्तर पर यह सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आम लोगों को ग्लूकोमा के लक्षणों के बारे में जागरूक करना है, ताकि तेजी से पहचान की जा सके और उचित चिकित्सा मुहैया करवाई जा सके।

ग्लूकोमा एक ऐसी आंखों की बीमारी है, जिसमें आंखों के अंदर दबाव बढ़ जाता है, जिससे दृष्टि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। डॉ. कौर ने बताया कि इस बीमारी के शुरूआती चरणों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए इसे पहचानना और इसके नियंत्रण के लिए नियमित जांच कराना जरूरी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

कार्यकम के दौरान, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी मोतियाबिंद के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए समर्थन और सहकारिता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और आम जनता को इस बीमारी से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

अंत में, डॉ. किरणदीप कौर ने सभी को प्रेरित किया कि वे अपने परिवार और समाज में इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाएं। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम अपने और अपने आसपास के लोगों की आंखों की सेहत को गंभीरता से लें और हर वर्ष नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित करें। इससे न केवल हमारी दृष्टि सलामत रहेगी, बल्कि हम समाज में अंधेपन के स्तर को भी कम कर सकेंगे।