पंजाब में होली-जुमे पर बवाल: पथराव, वाहनों में तोड़फोड़, मस्जिद में नुकसान

पंजाब के लुधियाना शहर की मियां मार्केट में हाल ही में होली और जुमे के दिन दो समूहों के बीच हुई झड़प ने तमाम लोगों को चौंका दिया है। यह घटना उस समय हुई जब एक पक्ष ने मस्जिद में नमाज अदा कर रहे लोगों पर पथराव करना शुरू किया। इस झड़प में दोनों पक्षों के मिलाकर 11 लोग घायल हुए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे, साथ ही CIA और कई अन्य थानों की पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद रही। झड़प के दौरान जानकारी मिली कि कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई थी, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई।

विशिष्ट समुदाय के नेताओं ने आरोप लगाया कि मस्जिद के बाहर कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर हंगामा किया। मोहम्मद मुस्तकीम, एक नेता ने बताया कि जुमे की नमाज के दौरान लगभग 1 बजे कुछ लोग मस्जिद के बाहर हुड़दंग कर रहे थे और शाम को दोबारा नमाज के समय उन पर हमला किया गया। इस हमले में 6 से 7 लोग घायल हुए, जिसमें एक बच्चा भी शामिल था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

दूसरी ओर, अलमुद्दीन सैफी ने भी घटना का वर्णन करते हुए कहा कि यह हमला साजिश के तहत किया गया था और इसके पीछे एक बड़ा मैसेज UP से आया था। उन्होंने यह भी बताया कि हमलावरों के पास तलवारें और शराब की बोतलें थीं। सैफी ने दावा किया कि वहां पर जय श्री राम के नारे भी लगाए गए और पुलिस पर भी हमला किया गया। ये सभी घटनाएँ एक सुसंगठित योजना के तहत हुई थीं।

इसी बीच, दूसरे पक्ष के लक्ष्मण ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मस्जिद से पहले ईंटें फेंकी गई थीं। उन्होंने बताया कि होली का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें DJ भी बज रहा था। लक्ष्मण के अनुसार, जब उन पर ईंटें फेंकी गईं, तो उन्होंने अपने बचाव में पत्थर चलाए और इस घटना में 4 से 5 लोग घायल हुए।

पूनम नाम की एक महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके समुदाय की महिलाओं को बुरी तरह पीटा। उनका कहना था कि पुलिस वालों ने उन्हें पैसे देकर इस हिंसा को भड़काने में मदद की। उन्होंने उल्लेख किया कि घटना के दौरान उनलोगों ने केवल होली का त्योहार मनाया था।

पुलिस की प्रतिक्रिया में ADCP पीएस विर्क ने कहा कि यह एक मामूली झगड़ा था, जो जल्दी ही नियंत्रण में आ गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अब स्थिति सामान्य हो गई है। इस घटना ने शहर के लोगों को एक बार फिर से समुदायों के बीच सामंजस्य की आवश्यकता को महसूस कराया है।