पंजाब में नशे की तस्करी के बाद अब शराब तस्करी भी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। राजधानी चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में विभिन्न प्रकार के वाहनों का इस्तेमाल करते हुए शराब की तस्करी की जा रही है। इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों में नदियों के किनारे अवैध शराब का उत्पादन और उसकी तस्करी का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए पंजाब एक्साइज विभाग ने एक व्यापक रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इस रणनीति के तहत विभाग ने 14 पिकअप वैन और 52 बाइक खरीदने की मंजूरी दी है, साथ ही सतलुज और ब्यास नदियों में तस्करों का पीछा करने के लिए बोट खरीदने की योजना भी बनाई जा रही है।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पहले ही स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार शराब तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। एक्साइज विभाग के विशेषज्ञ इस दिशा में कई स्तरों पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि चंडीगढ़ में पंजाब की शराब सस्ती होने के कारण यहां से तस्करी की जा रही है। हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान में भी ऐसी ही स्थिति है। तस्कर विभिन्न तरीकों से शराब की तस्करी करते हैं, जैसे कि सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करके या अपनी बाइक से। ये तस्कर मुख्य सड़कों के बजाय लिंक रोड्स का उपयोग करते हैं, जिनपर टोल प्लाजा या सीसीटीवी कैमरे नहीं होते, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
इन समस्याओं का समाधान करने के लिए, एक्साइज विभाग नई रणनीतियों पर काम कर रहा है। हाल ही में, नकली शराब बनाने वालों पर नजर रखने के लिए एक्साइज विभाग ने तीन प्रशिक्षित बेल्जियम शेफर्ड और 6 हैंडल्स की नियुक्ति की है। विभाग ने यह जानकारी दी है कि फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, मोगा और फाजिल्का जैसे जिलों में नदी किनारे अवैध शराब के कई मामले सामने आए हैं। जब भी पुलिस या एक्साइज विभाग कार्रवाई करता है, तस्कर नदियों के रास्ते भाग निकलते हैं, इसलिए बोट की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने तय किया है कि राज्य में एक्साइज थाने स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में 3 मार्च को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि, इन थानों की स्थापना किन स्थानों पर की जाएगी, इसका निर्णय करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति ऐसे स्थानों की पहचान करेगी, जहां शराब तस्करी की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शहरों में एक्साइज थाने स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।हालांकि, पुलिस और एक्साइज विभाग पहले से ही मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन नए थानों की स्थापना से तस्करी पर अंकुश लगाने में और सहायता मिलेगी। इस प्रकार, पंजाब सरकार अपने दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शराब तस्करी के खिलाफ ठोस कदम उठा रही है।