मल्हार महोत्सव को लेकर हाइकोर्ट में लगी याचिका खारिज

मल्हार महोत्सव को लेकर हाइकोर्ट में लगी याचिका खारिज

बिलासपुर , 2 अप्रैल (हि.स.)। बिलासपुर जिले के मल्हार में आयोजित होने वाले महोत्सव को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई थी। बैंच ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार नहीं करते हुए खारिज कर दिया है। दरअसल याचिकाकर्ता बिलासपुर लोकगीत संस्कृति सेवा समिति मल्हार और अन्य ने अपने अधिवक्ता प्रेम प्रकाश तिवारी के माध्यम से एक जनहित याचिका लगाई थी। जिसकी सुनवाई जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बैंच में बुधवार को हुई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि, मल्हार महोत्सव में आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन से 20 लाख की रही स्वीकृत की गई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने इस वित्तीय राशि हस्तांतरित नहीं किया है। अधिवक्ता ने इस आयोजन के माध्यम से लोक कलाकारों को एक मंच दिए जाने और जनहित याचिका स्वीकार करने के लिए तर्क दिए। लेकिन कोर्ट ने इसे जनहित से जुड़ा मामला नहीं मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।

दरअसल विगत कई सालों से मल्हार महोत्सव के आयोजन को लेकर प्रशासनिक अड़चनों और वित्तीय अनिश्चितताओं के संकट के बादल मंडरा रहा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 23 नवंबर 2024 को बिलासपुर प्रवास के दौरान महोत्सव के लिए राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की घोषणा की थी। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग ने 20 जनवरी 2025 को यह राशि जिला प्रशासन को जारी भी कर दी। समिति का कहना है 31 मार्च 2025 तक राशि समिति को नहीं मिली और आयोजन अधर में लटक गया। बिलासपुर लोकहित सांस्कृतिक सेवा समिति ने 24 फरवरी 2025 को कलेक्टर को पत्र सौंपकर 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की मांग की थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया।

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