कार्यभार संभालते ही एक्शन में जाखल नगरपालिका प्रधान, 10 करोड़ का बजट मंजूर
फतेहाबाद, 4 अप्रैल (हि.स.)। जिले की जाखल नगरपालिका की नई चुनी गई छोटी सरकार ने शुक्रवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। जाखल नगरपालिका के चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार विकास कामरा भाजपा प्रत्याशी को हराकर प्रधान चुने गए थे। 10 दिन पहले नगरपालिका अध्यक्ष व पार्षदों ने पंचकुला में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सामूहिक रूप से शपथ ली थी। अब दस दिन बाद विधिवत रूप से प्रधान व पार्षदों ने कार्यभार संभाल कर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा की। इस दौरान 10 करोड़ 33 लाख की बजट राशि को भी मंजूरी दी गई। प्रधान और पार्षदों के कार्यभार संभालने के साथ ही अब संभावना जताई जा रही है कि शहर में पिछले लंबे समय से अटके विकास कार्यों में तेजी आएगी और आमजन को सुविधा मिल पाएंगी। बता दें कि 2 मार्च को जाखल नगरपालिका चुनाव संपन्न हुए थे। इसके बाद 12 मार्च को आए चुनाव नतीजों में विकास कामरा अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। खास बात ये है कि पहली बार शहर की जनता द्वारा अपने मतों का प्रयोग कामरा को अध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 14 नगर पार्षद भी चुने गए थे। प्रधान ने आज नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ कार्यभार संभालते ही शहर के विकास कार्यों को गति देने बारे विस्तार से चर्चा की। प्रधान विकास कामरा ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वह सभी पार्षदों को साथ लेकर जाखल में विकास कार्यों को नई ऊंचाईयों तक लेकर जाएं। लोगों की सभी समस्याओं का समाधान और उन्हें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अध्यक्ष विकास कामरा ने बताया कि शहर के विकास कार्य को लेकर किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। शहर के विकास को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायाब सैनी से मिलना क्यों न पड़े, वह उनसे भी मिलकर शहर का विकास करवाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा पदभार ग्रहण करने से पहले उनका कार्यालय पूरी तरह से चकाचक किया गया है। गौरतलब है कि विकास कामरा कांग्रेस के सहयोग से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र मित्तल को 1319 वोटों से हराया था। सुरेंद्र मित्तल पूर्व पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के खास समर्थक माने जाते हैं। विशेष बात यह है कि जाखल टोहाना विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है, जो भाजपा के बड़े नेता राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली का इलाका है। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद यहां भाजपा की हार ने सभी को चौंकाने का काम किया था।